देहरादून। देहरादून जिले के हर्रावाला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लक्ष्मण सिद्ध मंदिर के पास के घने और बीहड़ जंगल में रास्ता भूल जाने के कारण संकट में फंसी पांच महिलाओं के लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) जीवनरक्षक साबित हुई। घने जंगल, अंधेरे और बेहद दुर्गम परिस्थितियों के बीच करीब 12 किलोमीटर अंदर तक चले एक बेहद चुनौतीपूर्ण सर्च ऑपरेशन के बाद टीम ने सभी महिलाओं को सकुशल ढूंढ निकाला और टीम उन्हें सुरक्षित बाहर ले आई।
जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई की शाम को जिला कंट्रोल रूम देहरादून और पुलिस चौकी हर्रावाला के माध्यम से एसडीआरएफ को एक आपातकालीन सूचना मिली। सूचना में बताया गया कि लक्ष्मण सिद्ध मंदिर के पास के घने जंगल में पांच महिलाएं रास्ता भटक गई हैं और बाहर निकलने में असमर्थ हैं। तुरंत संज्ञान लेते हुए एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय से मुख्य आरक्षी शैलेंद्र रावत के नेतृत्व में एक अलर्ट रेस्क्यू टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
घने जंगल और दुर्गम रास्तों में 12 किमी की पैदल सर्चिंग
घटनास्थल पर पहुँचते ही एसडीआरएफ की टीम ने बिना वक्त गंवाए स्थानीय पुलिस और वन विभाग के साथ मिलकर एक संयुक्त खोजबीन अभियान शुरू किया। शाम का समय होने के कारण जंगल में अंधेरा, हिंसक वन्यजीवों का खतरा और बेहद दुर्गम भू-भाग जैसी कई कड़ी चुनौतियां टीम के सामने थीं। इसके बावजूद, रेस्क्यू टीम ने जंगल के बेहद घने इलाके में लगातार पैदल सर्चिंग जारी रखी और लगभग 12 किलोमीटर गहरे जंगल के भीतर तक खोजी अभियान चलाया।
सकुशल खोजकर रोड हेड तक लाकर पुलिस को सौंपा
घंटों चले इस अथक और सघन खोज अभियान के बाद आखिरकार रेस्क्यू टीम को जंगल के बीचों-बीच पांचों महिलाएं सुरक्षित मिल गईं, जिससे सभी ने राहत की सांस ली। महिलाओं को हौसला देने के बाद, एसडीआरएफ की टीम ने उन्हें अपनी सुरक्षा में लिया और पैदल मार्ग से जंगल से बाहर निकालते हुए मुख्य मार्ग तक सुरक्षित पहुंचाया। इसके बाद सभी महिलाओं को अग्रिम कार्रवाई और उनके परिजनों से मिलाने के लिए सकुशल हर्रावाला पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दिया गया।
वक्त रहते मिली सूचना और एसडीआरएफ की त्वरित एवं कुशल कार्रवाई की वजह से एक बड़ा हादसा टल गया, महिलाओं और उनके परिजनों ने रेस्क्यू टीम का दिल से आभार जताया है।

