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चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले में SC का बड़ा फैसला, मेयर होंगे AAP पार्टी कुलदीप

उत्तरा न्यूज डेस्क
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चंडीगढ़ मेयर चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने आम आदमी पार्टी कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार कुलदीप कुमार को मेयर घोषित कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह की तरफ से घोषित बीजेपी कैंडिडेट मनोज कुमार सोनकर को मेयर के तौर पर विजेता घोषित बीजेपी कैंडिडेट मनोज कुमार सोनकर को मेयर को विजय घोषित करना अवैध है जिसको खारिज किया जाता है। शीर्ष अदालत का कहना है कि लोकतांत्रिक सिद्धांत के लिए विनाशकारी होगा क्योंकि यह सब पीठासीन अधिकारी के मिस्कांडकट के चलते हुआ।

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वही सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि पीठासीन अधिकारी मसीह ने जानबूझकर 8 बैलेट पेपर को विकृत किया है उनके खिलाफ मुकदमा चलाए जाने के लिए नोटिस जारी किया है अनुच्छेद 142 के तहत विशेषाधिकार का इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले में अनुच्छेद 142 के तहत विशेषाधिकार का उपयोग करते हुए आदेश पारित करते हुए कहा कि पूर्ण न्याय के लिए हम निर्देश जारी कर रहें है। सुप्रीम कोर्ट ने बैलेट पेपर और वीडियो रिकॉर्डिंग दिखाने के लिए कहा था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस और चीफ जस्टिस ने बैलेट पेपर वीडियो का अवलोकन किया और स्वयं परीक्षण किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पीठासीन अधिकारी मसीह ने गलत बयान दिया और जिसके चलते गलत बयान दिया है और कारण उनके खिलाफ सीआरपीसी की धारा 340 के तहत अदालत के सामने झूठा बयान देने के मामले में क्रिमिनल कार्रवाई शुरू की जाती है और कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है। इससे पूर्व में सुप्रीम कोर्ट ने 19 फरवरी को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से कहा था कि वह मेयर चुनाव से संबंधित बैलेट पेपर और तमाम रिकॉर्ड पेश करने में लिए नियुक्त करे और वह रिकॉर्ड 20 फरवरी को कोर्ट के सामने पेश किया जाए। सुप्रीम कोर्ट में वह रिकॉर्ड पेश किया गया।

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सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को सुनवाई के दौरान कई बैलेट पेपर का परीक्षण किया और इसके साथ ही मेयर चुनाव से संबंधित काउंटिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग को देखा। जिसमें कोर्ट ने पाया कि जिन आठ बैलेट पेपर को अमान्य घोषित किया था उस पर एक लाइन का मार्क लगाया था। वही 19 फरवरी को पीठासीन अधिकारी ने कोर्ट के समक्ष कबूल किया था कि उन्होंने 8 बैलेट पर निशान लगाए थे क्योंकि वह पहले से विकृत थे। कोर्ट ने कहा कि मसीह का बयान गलत था क्योंकि जिन 8 बैलेट पेपर को विकृत मानकर पीठासीन अधिकारी ने निशान लगाया था वह विकृत नही था।