Ram-shila

Uppa gives memorandum seeking preservation of Ram-shila temple of archaeological importance

अल्मोड़ा,14 जुलाई 2020— उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने पुरातात्विक और ऐतिहासिक महत्व के रामशिला (Ram-shila)मंदिर के संरक्षण की मांग उठाई है.

Ram-shila

पार्टी ने इस मांग को लेकर डीएम को एक ज्ञापन भेजा और आवश्यक कार्यवाही करने की मांग की.ज्ञापन में कहा गया कि अल्मोड़ा कलक्ट्रेट जो ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से मल्ला महल के नाम से जाना जाता है.

uru

इस परिसर में सन् 1588 में राजा रुपचन्द्र द्वारा निर्मित रामशिला(Ram-shila)मंदिर ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व की बेजोड़ कलाकृति है. इस महत्वपूर्ण स्मारक को देखने देश-विदेश के पर्यटक, शोध-छात्र यहां आते रहे हैं.

Ram-shila

कहा कि कलक्ट्रेट परिसर में विराजमान होने के बावजूद आजादी एवं उत्तराखंड राज्य के अस्तित्व में आने के बाद इस ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व के स्मारक की ओर ध्यान नहीं दिया गया, वरन पूरे कलेक्ट्रेट परिसर एवं रामशिला मन्दिर में तरह-तरह के निर्माण कर उसके स्वरुप को विकृत किया गया.

कहा कि अनेक अवसरों पर पार्टी ने इस ओर सरकार व प्रशासन को सचेत करने का प्रयास किया एवं विशालकाय
पीपल के पेड़ से इस मंदिर को होने वाले नुकसान का मामला भी उठाया पर इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, जो गम्भीर चिन्ता का विषय है.

kitm

कहा कि कलक्ट्रेट परिसर के पांडेखोला स्थानान्तरित किये जाने के प्रस्ताव के बाद, अब इस परिसर व रामशिला मन्दिर के संरक्षण के प्रयास शुरु हुये है.


जिसमें पिछले चार-पाचं दिन से रामशिला मंदिर को मूल स्वरुप में लाने के प्रयास किये जा रहे है जिससे इस ऐतिहासिक स्मारक के पत्थर की घिसाई भी हो रही है.जब कि उनकी समझ से इसका कैमिकल ट्रीटमेंन्ट होना चाहिए था.

कहा कि इस धरोहर का संरक्षण कार्य इतिहास एवं पुरातत्व की विशेषज्ञता रखने वाले विशेषज्ञों की देखरेख में होना चाहिए.जिसके चलते धरोहर का जाने अनजाने कोई नुकसान न हो, और ना ही जल्दबाजी में इस धरोहर को नुकसान न हो.ज्ञापन देने वालों में उपपा केन्द्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी, आनंदी वर्मा, गोपाल राम आदि मौजूद थे. ज्ञापन एडीएम के माध्यम से दिया गया.

ताजा अपडेट के लिए हमारे यूट्यूब लिंक को सब्सक्राइब करें

https://www.youtube.com/channel/UCq1fYiAdV-MIt14t_l1gBIw

see video