जगदीश हत्याकांड (Jagdish murder case)के विरोध में अल्मोड़ा में आंखें खोलो चुप्पी तोड़ो रैली 27 सितंबर को

Rally in Almora to protest against Jagdish murder on September 27 उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी. सी. तिवारी ने रैली के आयोजक संगठनों…

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272 25

Rally in Almora to protest against Jagdish murder on September 27

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी. सी. तिवारी ने रैली के आयोजक संगठनों की ओर से यहां बताया कि सरकार पुलिस प्रशासन को सूचना देने के बाद सुनियोजित रूप से की गई इस जघन्य हत्या (Jagdish murder case)के बावजूद प्रदेश के मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय भाजपा विधायक, सांसदों की चुप्पी से यह संदेश गया है कि इस तरह के जातिवादी उन्मादी तत्वों को सरकार की ओर से छूट मिल रही है जो उत्तराखंड जैसे राज्य के लिए शर्मनाक स्थिति है।

अल्मोड़ा, 16 सितंबर 2022- उपपा के युवा दलित नेता जगदीश चंद्र की जातिवादी उन्मादियों द्वारा की गई जघन्य हत्या (Jagdish murder case)के खिलाफ 27 सितंबर को प्रात: 11 बजे से अल्मोड़ा में विशाल रैली निकाली जाएगी।

Jagdish murder case
Jagdish murder case(पोस्टर रैली आयोजक समिति द्वारा जारी)

रैली को आंखें खोलो, चुप्पी तोड़ो रैली का नाम दिया गया है इसमें उत्तराखंड व देश के तमाम क्षेत्रों से लोग भाग लेंगे।

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी. सी. तिवारी ने रैली के आयोजक संगठनों की ओर से यहां बताया कि सरकार पुलिस प्रशासन को सूचना देने के बाद सुनियोजित रूप से की गई इस जघन्य हत्या (Jagdish murder case)के बावजूद प्रदेश के मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय भाजपा विधायक, सांसदों की चुप्पी से यह संदेश गया है कि इस तरह के जातिवादी उन्मादी तत्वों को सरकार की ओर से छूट मिल रही है जो उत्तराखंड जैसे राज्य के लिए शर्मनाक स्थिति है।

तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड में दो बार उपपा से सल्ट विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके जगदीश ने अंतर्जातीय विवाह किया था  जिसके बाद 1 सितंबर जब वह हेलंग एकजुटता मंच द्वारा आहुत नैनीताल चलो रैली में भाग लेने भिक्यासैंण क्षेत्र से रवाना हुआ तो उसे रास्ते से अगुवा कर यातना देकर मौत के घाट उतार दिया गया(Jagdish murder case)।
इस घटना के बाद उत्तराखंड के तमाम क्षेत्रों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है जगह - जगह धरने, विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 
 इस घटना को लेकर तमाम जन संगठन पीड़ित परिवार को 1 करोड़ का मुआवजा देने, जगदीश की पत्नी गीता व बहन को सरकारी नौकरी देने, सुरक्षा देने में असफल रहे जिम्मेदार अधिकारियों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट में कार्यवाही करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि जनता पर इस बात को लेकर भी क्रोध व्याप्त है कि 5 सितंबर को खुमाड़, सल्ट में मुख्यमंत्री, क्षेत्रीय सांसद और विधायक की उपस्थिति के बावजूद पीड़ित परिवार के लिए सहानुभूति के दो शब्द बोलने की आवश्यकता भी महसूस नहीं की गई। ज्ञातव्य है कि इस घटना के विरोध में जगदीश के गांव से तथा तमाम क्षेत्रों से आए लोगों ने जोरदार रैली निकाली और मामले पर कार्यवाही न होने पर अल्मोड़ा प्रदर्शन की घोषणा की थी।


आंखें खोलो चुप्पी तोड़ो रैली के आयोजकों ने उत्तराखंड की जनता से इस रैली में बढ़ चढ़ कर भाग लेने की अपील की है।