एनएमसी विधेयक के विरोध में निजी डॉक्टरों की हड़ताल शुरू: 24 घंटे के कार्य बहिष्कार में डॉक्टर

अल्मोड़ा। एनएमसी विधेयक के विरोध में बुधवार को जिला मुख्यालय में एसोसिएशन से जुड़े सभी चिकित्सक हड़ताल पर है। ​चिकित्सकों के कार्यबहिष्कार के चलते जहां…

अल्मोड़ा। एनएमसी विधेयक के विरोध में बुधवार को जिला मुख्यालय में एसोसिएशन से जुड़े सभी चिकित्सक हड़ताल पर है। ​चिकित्सकों के कार्यबहिष्कार के चलते जहां मरीजों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है वही, सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भयंकर भीड़ है। सुबह छह बजे से चिकित्सकों ने चिकित्सा व्यवस्था ठप कर दी है।
राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग यानी नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) विधेयक के विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने बुधवार की सुबह छह बजे से गुरुवार की सुबह छह बजे तक 24 घंटे की हड़ताल का आह्वान किया है। आईएमए के जिलाध्यक्ष डॉ ललित पांडे के नेतृत्व में एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सक यहां शिखर होटल में एकत्रित हुए। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि एनएमसी विधेयक मरीजों के हित में नहीं है। इस विधेयक को कानूनी रूप देकर सरकार जबरन मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही है। अध्यक्ष डॉ ललित पंत ने कहा कि विधेयक में पैरामेडिकल स्टॉफ जिसमें फार्मासिस्ट व स्टाफ नर्स भी आते है, को भी मरीजों के इलाज की अनुमति दे दी गई है। इस दौरान अन्य डॉक्टरों ने कहा कि एनएमसी विधेयक मरीजों की सुरक्षा से समझौता करता है तथा एक तरह से यह लोकतंत्र के खिलाफ है। बता दे कि एनएमसी विधेयक लोकसभा में पास हो चुका है। लेकिन अभी राज्यसभा में पास होना बाकी है। राज्यसभा में ​विधेयक के पास होते ही इसके सभी प्रावधान कानूनी रूप ले लेंगे।

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