सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर इन दिनों एक अनोखी कहानी खूब सुर्खियां बटोर रही है। एक भाई ने अपने एमबीए पास भाई के ऐसे फैसले की कहानी साझा की है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। इस युवा ने सालाना 25 लाख रुपये के पैकेज वाली कॉर्पोरेट नौकरी को लात मार दी और ओला कैब से जुड़कर अपना खुद का बिजनेस शुरू करने का रास्ता चुना। आज वह न सिर्फ पांच गाड़ियों के मालिक हैं, बल्कि हर महीने लाखों रुपये की कमाई भी कर रहे हैं।
टियर-2 कॉलेज से एमबीए और फिर बड़ा फैसला
यह पूरी कहानी सचन नाम के एक एक्स यूजर ने सोशल मीडिया पर साझा की है। सचन के मुताबिक, उनके भाई ने देश के एक टियर-2 कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई पूरी की थी। कैंपस प्लेसमेंट के दौरान उन्हें एक बड़ी कंपनी से सालाना 25 लाख रुपये के भारी-भरकम पैकेज का ऑफर मिला। आमतौर पर किसी भी युवा के लिए ऐसा पैकेज एक सपने जैसा होता है, लेकिन सचन के भाई अपनी इस कॉर्पोरेट नौकरी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे।
काफी सोच-विचार करने के बाद उन्होंने इस नौकरी को ठुकरा दिया और एक बिल्कुल अलग राह पर चलने का मन बनाया। उन्होंने ओला कैब सेवा के साथ जुड़कर एक ड्राइवर के तौर पर अपने नए सफर की शुरुआत की।
लोगों ने उड़ाया मजाक, रिश्तेदारों ने दिए ताने
जब इस युवा ने 25 लाख रुपये की नौकरी छोड़कर सड़क पर कैब चलाना शुरू किया, तो शुरुआत में परिवार और आसपास के लोग दंग रह गए। समाज और रिश्तेदारों की तरफ से उन्हें आलोचना और तानों का सामना करना पड़ा।
सचन ने अपनी पोस्ट में बताया कि लोग उनका मजाक उड़ाते हुए कहते थे: “इतनी पढ़ाई-लिखाई करने का आखिर क्या फायदा हुआ?” वहीं कुछ रिश्तेदारों का कहना था कि सोचा था पढ़-लिखकर कोई बड़ा अधिकारी बनेगा, लेकिन यह तो कैब चलाने लगा। इन सब बातों के बावजूद इस युवा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने लोगों के तानों को नजरअंदाज किया और पूरी शिद्दत से अपने काम में जुट गए।
3 साल में खड़ी कर दी खुद की कैब कंपनी
शुरुआत महज एक कार से हुई थी, जिसे वह खुद चलाते थे। लेकिन सही रणनीति, कड़ी मेहनत और बिजनेस माइंडसेट की बदौलत धीरे-धीरे पासा पलटने लगा। तीन साल की लगातार मेहनत के बाद आज उनके पास ओला प्लेटफॉर्म पर चलने वाली खुद की 5 गाड़ियां हैं।अब वह सिर्फ एक ड्राइवर नहीं, बल्कि एक बिजनेसमैन बन चुके हैं जो दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं। सचन के अनुसार, उनके भाई इस कैब बिजनेस से अब हर महीने करीब 1.5 लाख रुपये की शुद्ध कमाई कर रहे हैं। इस कामयाबी ने उन सभी लोगों के मुंह बंद कर दिए हैं जो कभी उनके इस फैसले पर सवाल उठाते थे।
सचन ने पोस्ट के अंत में एक गहरी बात साझा करते हुए लिखा “कई बार जो रास्ता शुरुआत में गलत या पीछे ले जाने वाला लगता है, वही आगे चलकर सफलता और तरक्की का बड़ा जरिया बन जाता है। हर व्यक्ति की कामयाबी का रास्ता अलग होता है, जरूरी नहीं कि वह हमेशा समाज की पारंपरिक सोच के हिसाब से ही चले।”
इंटरनेट पर छिड़ गई बहस: नौकरी बेहतर या बिजनेस?
इस कहानी के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर एक नई बहस शुरू हो गई है। लोग इस फैसले के नफे-नुकसान को लेकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। कुछ यूजर्स का मानना है कि अपना खुद का काम शुरू करना और उसका मालिक बनना सबसे बेहतरीन फैसला है, क्योंकि इसमें आप किसी के गुलाम नहीं रहते।
दूसरी तरफ, कई लोग इसे घाटे का सौदा भी बता रहे हैं। एक यूजर ने टिप्पणी करते हुए लिखा कि अगर शुरुआत में ही 25 लाख रुपये का पैकेज मिल रहा था, तो 3 साल के अनुभव और प्रमोशन के बाद यह सैलरी आराम से 30 से 35 लाख रुपये सालाना तक पहुंच जाती। ऐसे में कॉर्पोरेट करियर छोड़कर हर महीने 1.5 लाख रुपये कमाना और 5 कारों का लोन या मेंटेनेंस संभालना कोई बहुत बड़ा फायदे का सौदा नहीं दिखती। इस मतभेद के बावजूद, यह कहानी इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि अगर मन में कुछ अलग करने का जज्बा हो, तो लीक से हटकर भी कामयाबी पाई जा सकती है।
