पदोन्नति स्थानांतरण व समायोजन में काउंसिलिंग प्रक्रिया की मांग, अपर शिक्षा निदेशक प्रारंभिक को भेजा पत्र

काउंसिलिंग

Letter sent to the Additional Director of Education, काउंसिलिंग

अल्मोड़ा, 18 अगस्त 2020 पदोन्नति स्थानान्तरण व समायोजन में काउंसिलिंग की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही है, पदोन्नति स्थानों को लेकर सदस्यों में भारी आक्रोश है.

एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफिसर्स एसोसिएशन उत्तराखंड की मंडलीय शाखा ने मामले में अपर शिक्षा निदेशक, प्रारंभिक कुमाउं मंडल को पत्र भेजा है.

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272

पत्र में सदस्यों ने कहा कि संगठन के पास भी कोई जबाव नहीं है कि आखिर पदोन्नति/स्थानान्तरण का आधार क्या है. विभाग द्वारा स्थानान्तरण एक्ट का भी पालन नहीं किया जा रहा है.

विगत 2 वर्षो से स्थानान्तरण पूरी तरह बाधित किये गये है. जिससे दुर्गम स्थानों में नियुक्त/पदोन्नत सदस्यों को सुगम स्थानों में आने का मौका नहीं मिल रहा है और सुगम स्थान पूरी तरह से रिक्त हो रहे है.

मिनिस्ट्रीयल कर्मियों ने पदोन्नति/स्थानान्तरण और समायोजन में अनिवार्य रूप से काउसिंलिंग की जाने की मांग की है. जिससे पारदर्शिता के साथ निष्पक्षता भी रहे. साथ ही एक्ट के प्राविधानों के अन्तर्गत बंधपत्र लेकर जिन कार्मिकों द्वारा वर्तमान स्थान पर कार्यभार ग्रहण करने में पारिवारिक परिस्थिति के कारण असमर्थता प्रकट की जा रही है उन्हें सुगम स्थानों पर तैनाती दी जाने का अनुरोध किया है.

पत्र में कहा कि भविष्य में पद रिक्त होने पर दुर्गम क्षेत्र के विद्यालय कार्यालयों में स्थानान्तरण कर दिया जाय, इस पर भी गम्भीरता से विचार किया जाय.

एक्ट में सुगम/दुर्गम क्षेत्रों के निर्धारण में विसंगति के दृष्टिगत हर जनपद में स्थानीय आधार पर 60 प्रति दुर्गम व 40 प्रतिशत सुगम स्थान किये जाय. जिससे पदोन्नति पर हर कार्मिक कार्यभार ग्रहण कर सके, साथ ही काउंसिलिंग की अनिवार्यता हो तथा उच्च स्तर पर भी पृच्छा कर ली जाय जिससे सदस्यों की पदोन्नति किसी प्रकार बाधित नहीं हो.