lalit shaury
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Lalit Shaurya book released

पिथौरागढ़ सहयोगी, 18 जुलाई 2020
उत्तराखंड के युवा बाल साहित्यकार ललित शौर्य (lalit shaury)
के बाल कहानी संग्रह ‘दादाजी की चौपाल’ के द्वितीय संस्करण का विमोचन शुक्रवार को एशियन एकेडमी के सत्कर्मा सभागार में हुआ।

पुस्तक का विमोच आयुष मंत्रालय भारत सरकार के सदस्य डा. दिनेश उपाध्याय, सत्कर्मा मिशन के संस्थापक स्वामी वीरेंद्रानंद, पुलिस उपाधीक्षक राजेन्द्र सिंह रौतेला, सामाजिक चिंतक तारा सिंह ने संयुक्त रूप से किया।

पुस्तक का विमोचन करते हुए डा. दिनेश उपाध्याय ने कहा, शौर्य की बाल साहित्य में अच्छी पकड़ है। वह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। उनकी पुस्तक की लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बहुत अल्प समय में ही इसका दूसरा संस्करण आ चुका है।

स्वामी वीरेंद्रानंद ने कहा, ललित शौर्य (lalit shaury) ने बाल साहित्य में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है। इनकी लेखनी में गजब का जादू है। शौर्य बच्चों को प्रेरित और संस्कारित करने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं।

डीएसपी राजेन्द्र सिंह रौतेला ने कहा, शौर्य की साहित्य चेतना आकर्षित कर रही है। वे युवा अवस्था में श्रेष्ठ साहित्य रच रहे हैं।

डा. तारा सिंह ने कहा, शौर्य (lalit shaury) युवा लेखकों के लिए प्रेरणा पुंज हैं। विज्ञान का छात्र भी श्रेष्ठ साहित्य रच सकता है ये ललित सिद्ध कर चुके हैं।

गौरतलब है कि ‘दादाजी की चौपाल’ के प्रथम संस्करण का विमोचन राजभवन देहरादून में राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने किया था। उन्होंने भी शौर्य की कहानियों की प्रशंंसा की थी।

ललित शौर्य(lalit shaury) अब तक 300 बाल कहानियां लिख चुके हैं। इनकी कहानियों का अनुवाद अंग्रेजी, कन्नड़, तेलगु, मलायलम, मराठी आदि भाषाओं में हो चुका है। बहुत जल्द ललित शौर्य की पुस्तक- जादुई दस्ताने उसका अंग्रेजी अनुवाद मैजिकल ग्लब्ज और डस्टबिन की पुकार प्रकाशित होने वाली है। शौर्य की रचनाधर्मिता के लिए उन्हें अनेक संस्थाएं सम्मानित कर चुकी हैं।

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