News-web

कैंची धाम , यहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता, बाबा के दर पर हर मुराद होती है पूरी, आज है भव्य मेला

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम है। कैंची धाम में 15 जून यानी आज लगने वाले मेले में बाबा के भक्तों की भीड़ उमड़ती है। बता दें कि धाम की स्थापना 1964 में हुई थी। कहा जाता है कि बाबा नीब करौरी महाराज 1961 में पहली बार कैंची धाम आए थे।बता दें कि ऐतिहासिक कैंची धाम का आज 60वां स्थापना दिवस है।

जिसको लेकर भक्तों में खूब उत्साह है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कैंची धाम से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता।बाबा नीब करौरी महाराज के दर पर मांगी गई हर मुराद पूरी करते हैं। बाबा नीब करौरी महाराज का पवित्र कैंची धाम चमत्कारों से भरा हुआ है। एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स, फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग भी कैंची धाम आ चुके हैं।बता दें कि बाबा नीब करौरी महाराज जी को हनुमान जी का अवतार भी कहा जाता है। बाबा नीब करौरी का जन्म उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में हुआ था।

बाबा नीब करौरी महाराज जी का असली नाम लक्ष्मी नारायण शर्मा था। यूं तो देश-दुनिया में बाबा नीब करौरी महाराज जी के कई मंदिर हैं, लेकिन सबसे खास है नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम।मिली जानकारी के अनुसार बाबा नीब करौरी महाराज हमेशा लोगों को कंबल ओढ़ाते थे। कैंची आने वाले भक्त बाबा नीब करौरी महाराज को कंबल भी भेंट करते हैं। बाबा के चमत्कारों का जिक्र कई किताबों में किया गया है। बाबा नीब करोरी की अलौकिक घटनाओं और प्रेम के चमत्कार के अलावा बाबा पर कई अन्य पुस्तकें भी लिखी गई हैं।