अल्मोड़ा। जनपद में ग्रामीण विकास और आजीविका को बढ़ावा देने के लिए संचालित हो रही ग्रामोत्थान (रीप) परियोजना की जमीनी हकीकत परखने के लिए आज अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष (IFAD) की एक उच्चस्तरीय टीम एमटीआर यानि मिड टर्म रिव्यू के लिए अल्मोड़ा पहुंची। टीम के सदस्यों ने जिले के विभिन्न ग्रामीण और आजीविका केंद्रों का सघन स्थलीय निरीक्षण किया और मध्यवधि समीक्षा की।
टीम ने चौसली में स्थानीय महिलाओं के हाथ से बने प्रसिद्ध ‘मडुआ मोमो’ और कॉफी का स्वाद भी लिया।
शनिवार 23 मई 2026 को अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास कोष की टीम के सदस्य आयुरजाना, पुंतसागदावा और विनय तुली के साथ परियोजना के उप आयुक्त नरेश कुमार व अनुश्रवण एवं मूल्यांकन प्रबन्धक विनय गुणवन्त ने अल्मोड़ा के विभिन्न क्लस्टरों का दौरा किया। टीम ने सबसे पहले क्वारब के समीप चौसली में यात्रियों की सुविधा के लिए स्थापित वे-साइड इट्रीज का निरीक्षण किया, जिसका संचालन ‘गायत्री स्वयं सहायता समूह, पतलिया’ द्वारा किया जा रहा है। टीम ने समूह की महिलाओं से उनके बिजनेस मॉडल की जानकारी ली।
हिमाद्री हैंडलूम के शॉल और किरन बिष्ट की सिलाई इकाई का भी टीम ने किया निरीक्षण
इसके बाद अंतरराष्ट्रीय टीम ने ग्राम भल्यूड़ा में ‘विकास उत्पादक समूह’ के सामुदायिक कृषि उद्यम का जायजा लिया, जहां किसानों ने परियोजना से मिलने वाले आर्थिक लाभों को साझा किया। टीम ने डीनापानी (हवालबाग) में स्थापित ‘हिमाद्री हैण्डलूम’ को भी देखा।
लमगड़ा विकासखंड में संगठन स्तर पर संचालित जेन्स सैलून और सिलाई इकाई के निरीक्षण के दौरान ‘सीता स्वयं सहायता समूह’ की किरन बिष्ट ने बताया कि वे अन्य महिलाओं के साथ मिलकर स्कूलों की यूनिफॉर्म तैयार करने का बड़ा ऑर्डर पूरा कर रही हैं। इसके अलावा महिलाओं द्वारा स्वरोजगार के रूप में चलाए जा रहे मशरूम एंड एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट और ‘पिंक ई-रिक्शा’ के अनूठे प्रयास को भी अंतरराष्ट्रीय टीम ने खूब सराहा।
विकास भवन में हुई समीक्षा बैठक, महिलाओं ने साझा किए आजीविका के अनुभव
धरातल पर सफल उद्यमिता को देखने के बाद विकास भवन सभागार में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महिला स्वयं सहायता समूहों की कार्यप्रणाली, वित्तीय प्रबन्धन और आजीविका गतिविधियों से ग्रामीण परिवारों की आय में हुई वृद्धि पर विस्तार से चर्चा हुई। महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ‘रीप’ परियोजना से जुड़कर वे अब पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय टीम ने कहा कि ऐसी परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक विकास की रीढ़ हैं।
इस मौके पर रीप के जिला परियोजना प्रबन्धक (अल्मोड़ा) हरीश चन्द्र तिवारी, जिला परियोजना प्रबन्धक (नैनीताल) राजेश मठपाल सहित समस्त सहायक प्रबन्धक, रीप, यंग प्रोफेशनल्स और संबंधित विकासखण्डों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।

