मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन में दिक्कतों के बीच देश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। कई लोग डर के कारण घर में जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर जमा करने का सोचते हैं, लेकिन यह न केवल जोखिम भरा हो सकता है बल्कि कानूनन भी अपराध माना जाता है। सरकार और तेल कंपनियों ने एलपीजी कनेक्शन और सिलेंडर रखने को लेकर सख्त नियम बनाए हैं, जिनका पालन करना हर उपभोक्ता के लिए जरूरी है
वन हाउस, वन कनेक्शन का नियम भारत में लागू है, यानी एक घर या रसोई के पते पर केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन वैध होता है। घरेलू गैस कनेक्शन देने वाली कंपनियों में इंडेन गैस, एचपी गैस और भारत गैस प्रमुख हैं। अगर किसी उपभोक्ता के पास पहले से कनेक्शन है, तो उसी पते पर दूसरी कंपनी का कनेक्शन लेना नियमों के खिलाफ माना जाता है। हालांकि, उपभोक्ता चाहें तो अपने कनेक्शन को डबल सिलेंडर कनेक्शन में बदल सकते हैं, जिसमें एक ही कनेक्शन पर दो सिलेंडर रखने की अनुमति होती है।
घर में सिलेंडर रखने के नियमों के अनुसार आमतौर पर एक कनेक्शन पर दो सिलेंडर रखना सामान्य माना जाता है। एक सिलेंडर इस्तेमाल में रहता है और दूसरा रिजर्व के तौर पर रखा जा सकता है। नियमों के तहत, एक उपभोक्ता साल में अधिकतम 15 घरेलू सिलेंडर ही ले सकता है। अगर कोई बिना वैध अनुमति जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा करता है या 40 किलोग्राम से अधिक एलपीजी रखता है, तो इसे जमाखोरी माना जाएगा और प्रशासन कार्रवाई कर सकता है।
जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर जमा करने पर कार्रवाई सख्त हो सकती है। अवैध सिलेंडर रखने या कालाबाजारी के मामले में गैस कनेक्शन रद्द किया जा सकता है और भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में यह एसेंशियल कमोडिटीज़ एक्ट के तहत अपराध माना जा सकता है, जिसमें आरोपी को 3 महीने से 7 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
सुरक्षा की दृष्टि से एलपीजी सिलेंडर हमेशा हवादार जगह पर सीधा खड़ा करना चाहिए और दो सिलेंडरों को एक दूसरे के ऊपर नहीं रखना चाहिए। सरकार और गैस कंपनियां उपभोक्ताओं से अपील कर रही हैं कि पैनिक बुकिंग या जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा करने से बचें, ताकि सप्लाई व्यवस्था पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
