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Heatwave: जाने क्या है हीट एग्जॉशन, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके

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हीट एग्जॉशन तब होता है, जब हमारे शरीर में बहुत अधिक गर्मी हो जाती है और इसे बाहर निकालने में असमर्थ हो जाता है। यह अचानक से तेज धूप में रहने या तेज व्यायाम करने के कारण भी हो सकता है।

राजधानी दिल्ली समेत कई देश में कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री के ऊपर चला जाता है जिससे लोगों का जीना मुश्किल हो जाता है। तेज गर्मी और हीट वेव की वजह से लोगों ने घर के बाहर निकलना भी बंद कर दिया है और कुछ लोगों को स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। इस गर्म मौसम में लू लगने का खतरा भी काफी बना रहता है लू का ही एक गंभीर रूप है हीट एग्जॉशन।

पसीना शरीर को ठंडा रखने का प्राकृतिक तरीका है, लेकिन ज्यादा गर्मी और पसीने के कारण शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स की कमी हो जाती है। यही कमी हीट एग्जॉशन का कारण बनती है।

नोएडा स्थित फोर्टिस हॉस्पीटल के डायरेक्टर डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया कि लगातार बढ़ रहे तापमान और गर्मी के मौसम के मद्देनजर, हीट एग्जॉक्शन (गर्मी से होने वाली थकावट) के शिकार हुए मरीजों की संख्या 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ चुकी है। हमारे पास आने वाले मरीज मांसपेशियों में क्रैम्प्स पड़ने, पेट में दर्द, कमजोरी, मितली, उल्टी और दस्त आदि की शिकायतें कर रहे हैं और ऐसे मरीज इन दिनों ओपीडी में लगातार पहुंच रहे हैं।

हीट एग्जॉक्शन के लक्षण

गर्मी की वजह से थकावट महसूस करने वाले मरीजों में घबराहट, कमजोरी, बेहोशी, सर दर्द, पेट में मरोड़, मतली, उल्टी जैसे लगातार मांसपेशियों में क्रैम्प्स पड़ने की शिकायतें देखी जाती हैं।

हीट एग्जॉक्शन का कारण

हीट एग्जॉक्शन का कारण खराब शारीरिक फिटनेस मोटापा डिहाईड्रेशन अत्यधिक गंभीर बीमारी एक्टीमटाइजेशन का अभाव और अधिक तापमान में थकान वाली एक्सरसाइज करना है।

हीट एग्जॉक्शन से कैसे बचें?

– इससे बचने के लिए आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए दिन में करीब 2 से 3 लीटर पानी पीना जरूरी है

– बाहर जाएं तो अपने सिर को टोपी या स्कार्फ से ढककर रखें और हल्के-फुल्के सूती कपड़े पहनें.

– बाहर से घर वापस आने पर पहले खुद को नॉर्मल तापमान पर लाएं, ऐसा करने के लिए पंखा चलाकर बैठें और फिर 20 से 30 मिनट के बाद स्नान करें ताकि आपका शरीर पूरी तरह से ठंडा हो सके।

– गर्मी के दिनों में बच्चों तथा बूढ़ों को घरों से बाहर नहीं निकलने दें क्योंकि सूरज की तेज किरणों की वजह से वे डीहाइड्रेशन का शिकार बन सकते हैं और उन्हें हीट स्ट्रोक हो सकता है।