गुरिल्लों ने वन मंत्री एवं लोकनिर्माण विभाग मंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर नियुक्ति की मांग उठाई

अल्मोड़ा। लम्बे समय से अपनी मांगे को लेकर आन्दोलनरत प्रशिक्षण प्राप्त गुरिल्ला संगठन के सदस्यों ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा के कार्यालय के माध्यम से उत्तराखंड सरकार…

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अल्मोड़ा। लम्बे समय से अपनी मांगे को लेकर आन्दोलनरत प्रशिक्षण प्राप्त गुरिल्ला संगठन के सदस्यों ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा के कार्यालय के माध्यम से उत्तराखंड सरकार में वन मंत्री एवं लोकनिर्माण विभाग मंत्री को ज्ञापन प्रेषित करते हुए तत्काल पद सृजित कर नियुक्ति में वरीयता देने की मांग उठाई है।

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कहा कि एक शासनादेश में उत्तराखंड के राष्ट्रीय राजमार्गों व राज्य मार्गों के रख-रखाव हेतु मेट एवं बेलदार रखे जाने तथा उनमें गुरिल्लों को वरीयता दिये जाने का प्रावधान किया गया था, किंतु मात्र कुछ खंडों को छोड़ अधिकांश अधिशासी अभियंता सड़कों के रख-रखाव हेतु मेट एवं बेलदार नहीं रख रहे हैं परिणामस्वरूप स्वरूप बरसात में अनेकों सड़कें यातायात हेतु बंद हो जाती हैं जिन्हें खोलने में सरकार को काफी धनराशि खर्च करनी पड़ती है। यदि सड़कों का रखरखाव वर्षभर होता रहे तो सड़कों में बरसात में भी यातायात सुचारू रह सकता है। 

इसी प्रकार प्रकार मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन की अध्यक्षता में संपन्न एक उच्च स्तरीय बैठक तथा दो बार मंत्री मंडल की बैठक में राज्य में एक स्टेट इको टास्क फोर्स गठन करने का निर्णय लिया गया था। शासन स्तर से अनेक बार वन विभाग को इस संबंध में निर्देश भी दिए गये पर वन विभाग के अधिकारियों ने इस संबंध में कोई कार्यवाही नहीं की। इसी प्रकार 100 गुरिल्लों को कैम्पा योजना में रखे जाने के शासन के निर्णय पर वन विभाग कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है, जबकि गत वर्ष गर्मी में तथा इस वर्ष जाड़ों में ही उत्तराखंड के अधिकांश जंगल आग में स्वाहा हो गये। कहा कि सरकार के निर्देश के बावजूद आवश्यकता होते हुए भी विभाग स्टेट इको टास्कफोर्स के गठन का प्रस्ताव नहीं बना पाया है।  

दोनों मंत्रियों को भेजे अलग-अलग ज्ञापनों में गुरिल्लों ने अपने विभागों के इन लंबित प्रस्तावों पर कार्यवाही कराये जाने की मांग की है। इस दौरान संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष ब्रह्मानंद डालाकोटी एवं जिला अध्यक्ष शिवराज बनौला एवं अन्य मौजूद रहे।