द्वाराहाट । उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देने की ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत 23 मई को पीएमश्री राबाइं कॉलेज द्वाराहाट में देश के सुप्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी, पद्मश्री सम्मानित शिक्षाविद एवं आईआईटी कानपुर के पूर्व प्रोफेसर डॉ. एच.सी. वर्मा शिक्षकों के साथ विशेष संवाद एवं प्रशिक्षण कार्यशाला हेतु पहुंचे ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्रधानाचार्या श्रीमती सोनिका नेगी, डॉ एस. सी.वर्मा ने दीप जलाकर किया।
प्रधानाचार्य द्वारा मुख्य अतिथि को शॉल ओढ़ा कर एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों और शिक्षकों से बातचीत और टेलीस्कोप से आकाश के बाद इस एक दिवसीय कार्यशाला को संचालित किया गया l
यह कार्यक्रम Science in the Service of Society के तत्वावधान में आयोजित किया गया। जिसमें विकासखंड द्वाराहाट के भौतिक विज्ञानशिक्षक एवं विज्ञान प्रेमियों ने प्रतिभाग किया।
इस विज्ञान यात्रा के कुमाऊं मण्डल के संयोजक भवानी शंकर कांडपाल, और उनके सहयोगी त्रिभुवन जोशी, हेमंत उपाध्याय, भुवन मेलकानी , अनुभव , विनोद जोशी, मोहित शर्मा जी, बी.इ.ओ. प्रतिनिधि प्रकाश चंद्र गैरोला का भी यात्रा को सुगम बनाने हेतु सहयोग रहा।
प्रो. एच.सी. वर्मा देशभर में अपनी सरल, प्रयोगात्मक और जीवन से जुड़ी विज्ञान शिक्षण शैली के लिए विशेष पहचान रखते हैं। आईआईटी कानपुर में वर्षों तक भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक रहने के बाद वर्तमान में वे कानपुर स्थित सोपान आश्रम में निवास कर रहे हैं। यहां से वे समाज के उन बच्चों के लिए शिक्षा का कार्य कर रहे हैं, जिन्हें सामान्य अध्ययन सुविधाएं भी कठिनाई से उपलब्ध हो पाती हैं। सोपान आश्रम के माध्यम से आईआईटी फैकल्टी और विद्यार्थियों के सहयोग से जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा पहुंचाने का सतत प्रयास किया जा रहा है।
देशभर में विज्ञान को रोचक और सहज बनाने के उद्देश्य से प्रो. वर्मा वर्षों से नो-कॉस्ट एवं लो-कॉस्ट प्रयोगों के माध्यम से हजारों भौतिक विज्ञान शिक्षकों और लाखों विद्यार्थियों को प्रशिक्षित कर चुके हैं। उनके प्रयोग आधारित शिक्षण मॉडल ने विज्ञान को पुस्तकों से निकालकर विद्यार्थियों के दैनिक जीवन से जोड़ने का कार्य किया है।
अपने साधनामय वैज्ञानिक जीवन के 75 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर प्रो. वर्मा Science in the Service of Society के साथ मिलकर उत्तराखंड के गांवों में विशेष विज्ञान यात्रा का संचालन कर रहे हैं। इस उत्तराखंड विज्ञान यात्रा को “प्रयोग-यात्रा – सरिता (प्रयास)” नाम दिया गया है। यात्रा के अंतर्गत राज्य के छह जिलों में भौतिक विज्ञान शिक्षकों एवं विज्ञान प्रेमियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को प्रयोगात्मक एवं अनुभवात्मक विज्ञान शिक्षण के लिए प्रशिक्षित करना है, ताकि विद्यालयों में विज्ञान केवल रटने का विषय न रहकर समझने और अनुभव करने का माध्यम बन सके। कार्यशालाओं में स्थानीय संसाधनों से विज्ञान प्रयोग तैयार करने, विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप नवाचारपूर्ण शिक्षण पद्धतियों पर विशेष चर्चा की l
Science in the Service of Society उत्तराखंड में विज्ञान, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, हिमालय संरक्षण और नशा उन्मूलन जैसे सामाजिक क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही संस्था है।
संस्था द्वारा प्रदेशभर में वैज्ञानिक चेतना और सामाजिक जागरूकता के लिए विभिन्न अभियानों का संचालन किया जा रहा है। प्रधानाचार्या द्वारा विद्यालय को गौरवान्वित करने वाले इस ऐतिहासिक अवसर का सभी प्रतिभागियों द्वारा अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया गया। ब्लॉक स्तरीय इस कार्यक्रम में 25 विद्यालय के 64 प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
आयोजकों के अनुसार यह यात्रा केवल एक विज्ञान कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण विज्ञान शिक्षा की नई अलख जगाने का प्रयास है।
यात्रा का समापन 1 जून को देहरादून में भौतिकी पर 6 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के साथ होगा l द्वाराहाट में आयोजित इस कार्यशाला में विकासखंड द्वाराहाट के शासकीय और अशासकीय विद्यालयों के भौतिकी के प्रवक्ता, गणित, विज्ञान के शिक्षक भावना जोशी, किरण बिष्ट, रेनू तिवारी, मदन मोहन सुंद्रियाल, भुवन भट्ट,अजय जोशी,के एन जोशी, दीप कांडपाल ,माया मेहरा, चित्रा पाण्डेय, मंजु रावत,, प्रेमा जोशी, लता कांडपाल, एल.एम. मठपाल ,ऋतु उपाध्याय, सुरभि,उपस्थित रहे ।
द्वाराहाट में विज्ञान चेतना का महाकुम्भ का आयोजन
द्वाराहाट । उत्तराखंड के पर्वतीय अंचलों में विज्ञान शिक्षा को नई दिशा देने की ऐतिहासिक पहल के अंतर्गत 23 मई को पीएमश्री राबाइं कॉलेज द्वाराहाट…