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जहां बना मंदिर वहां नहीं बनी सरकार,अखिलेश का यह पैतरा आया काम, जानिए बीजेपी के हारने के कारण

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Faizabad loksabha: अयोध्या का राम मंदिर फैजाबाद लोकसभा सीट में आता है और सबसे बड़ी हैरान करने वाली बात यह है कि पूरे देश में राम मंदिर का मुद्दा बुलंद हुआ था फिर भी भाजपा यहां से चुनाव हार गई।

भाजपा फैजाबाद सीट से चुनाव नहीं जीत पाई। पार्टी के प्रत्याशी लल्लू सिंह हैट्रिक बनाने में इस बार चूक गए। सपा के अवधेश प्रसाद ने उन्हें हरा दिया। वह इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी थे। करीब 55000 वोटो से सपा यह चुनाव जीत गई है। इस बात की चर्चा अब हर जगह हो रही है कि आखिरकार राम मंदिर वाली सीट पर भाजपा कैसे हार गई।

भाजपा के राम मंदिर कार्ड पर इस बार समाजवादी पार्टी कापीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) कार्ड भारी रहा। शहर से लेकर गांव तक हर जगह अब साइकिल की ही चर्चा हो रही है। समाजवादी पार्टी ने सामान्य सीट पर दलित कार्ड खेलकर सभी को चौंका दिया। खांटी समाजवादी होने के साथ ही राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी माने जाने वाले अवधेश प्रसाद का पूरा फोकस पीडीए की थीम पर ही रहा। इसी थीम पर वह चलते रहे और भीतर ही भीतर उन्होंने मजबूत चुनाव खड़ा कर दिया। उन्होंने न कोई शोर-शराबा किया ना ही कोई दिखावा। यहां तक कि रोड-शो के तय हुए कार्यक्रम भी करवाने में वह दिलचस्प नहीं दिखे। ऐसे में भाजपाइयों को इतने मजबूत चुनाव का अंदाजा भी नहीं लगने दिया।

इधर राम मंदिर बनने के बाद भाजपा राम के सहारे जीते को लेकर निश्चिंत हो गई।आस्था के नाम पर वोट की चोट की आशा थी लेकिन भाजपा की एक भी चाल सपा के पीडीए कार्ड के सामने काम न आई।जनसंपर्क के दौरान सपा दलित व पिछड़े हुए इलाकों में जाकर अपना आधार तैयार करती रही। 

अवधेश प्रसाद सुबह से ही आत्मविश्वास से लबरेज दिखे। हनुमानगढ़ी व पंचमुखी महादेव के दर्शन के दौरान पहनी माला धारण किए ही वह मतगणना स्थल पहुंचे और पूरे समय वही माला पहने रहे। किसी ने टोका भी तो आत्मविश्वास से भरे हुए उन्होंने जवाब दिया कि यह जीत की माला है, जिसे भगवान ने ही पहनाकर भेजा है।