दुर्गम पहाड़ों में लोक विरासत की तलाश: सीबीसी अल्मोड़ा की अनूठी पहल, लोक कलाकारों से संवाद के साथ उनका सम्मान भी

नववर्ष के अवसर पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक कल्याण मनकोटी के नेतृत्व में कैपैसिटी बिल्डिंग सेंटर (सीबीसी), अल्मोड़ा के शोधार्थियों का एक दल पहाड़…

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नववर्ष के अवसर पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक कल्याण मनकोटी के नेतृत्व में कैपैसिटी बिल्डिंग सेंटर (सीबीसी), अल्मोड़ा के शोधार्थियों का एक दल पहाड़ के अति दुर्गम और सुदूर क्षेत्रों की ओर रवाना हुआ है।


इस पहल का उद्देश्य उन लोक कलाकारों और सम्माननीय वृद्धजनों से संवाद स्थापित करना है, जिन्होंने पीढ़ियों से लोक गीतों, कथाओं और सांस्कृतिक स्मृतियों के माध्यम से हमारी लोक विरासत को जीवंत बनाए रखा है।

यह दल पहाड़ के दुरूह अंचलों में निवास कर रहे लोक कलाकारों के घर-घर जाकर न केवल उन्हें सम्मानित कर रहा है, बल्कि उनके अनमोल स्वरों, जीवन अनुभवों और सांस्कृतिक धरोहर को रिकॉर्ड कर भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने का कार्य भी कर रहा है। लोक गीत, कथाएँ और जीवन-दृष्टि आज भी हमारी सांस्कृतिक पहचान की मजबूत आधारशिला हैं।

इस अभियान में शिक्षक कल्याण मनकोटी के साथ लोकप्रिय युवा कवि भास्कर भौर्याल, लक्ष्मी आश्रम कौसानी की योग प्रशिक्षक दीक्षा बोरा, गुंजन कोरंगा, लक्ष्मण कोरंगा, खीमा देवी, सीबीसी अल्मोड़ा की समन्वयक सोनी मेहता तथा स्थानीय युवा सक्रिय रूप से सहभागिता कर रहे हैं।


टीम चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे लोक कला के धनी कलाकारों को उनके घर जाकर सम्मानित कर रही है।


शिक्षक श्री मनकोटी ने बताया कि पिछले चार दिनों से दानपुर क्षेत्र में लोक वाद्य वादकों और गायकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

इनमें प्रमुख दिव्यांग कलाकार पूरन राठौर, गोपी दास, दीवान सिंह, भगवान सिंह, ढोल वादक हर राम व उनके साथी, हुड़का वादक धन सिंह, दोनाली मुरली वादक कुंवर सिंह, प्रसिद्ध गिदार हिम्मत सिंह, हुड़का वादक धन सिंह तथा सुप्रसिद्ध न्योली गायिका पुष्पा कोरंगा सहित अनेक स्थानीय कलाकार शामिल हैं। सभी को शॉल एवं ऊनी वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।


दानपुर क्षेत्र के लोक कलाकारों ने सीबीसी अल्मोड़ा की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और परंपरागत वाद्य यंत्रों तथा लोक गीतों के साथ टीम का आत्मीय स्वागत किया।

इस प्रेरणादायी अभियान का उद्देश्य लोक के चितेरों और लोक गायकों की मधुर आवाज़ को सुरक्षित कर भावी पीढ़ियों तक पहुँचाना है। इस अभियान का नेतृत्व युवा लोक कलाकार भास्कर भौर्याल कर रहे हैं। कैमरा रिकॉर्डिंग की जिम्मेदारी सोनी मेहता निभा रही हैं, जबकि दस्तावेज़ीकरण का कार्य दीक्षा बोरा और स्वयं कल्याण मनकोटी द्वारा किया जा रहा है।

कड़ाके की ठंड के बीच टीम सीबीसी अल्मोड़ा द्वारा अति आवश्यकता में रह रहे लोक कलाकारों और वृद्धजनों को गर्म पाजामे, स्वेटर, मोज़े, शाल, पंखी, ऊनी टोपी और मफलर जैसे शीत वस्त्र भेंट किए जा रहे हैं, ताकि इस कठिन मौसम में उनके जीवन में थोड़ी गर्माहट, राहत और अपनत्व का एहसास पहुँचाया जा सके।