उत्तरा न्यूज। नैनीताल।

लाॅकडाउन के चलते अधिवक्ताओं के समक्ष आ रहे आर्थिक संकट को दूर करने के लिए नैनीताल हाईकोर्ट में एसोसिएशन ने पीआईएल दाखिल की है। एसोसिएशन ने वकीलों के बच्चों की दो माह की फीस माफ करने व वकीलों को आर्थिक मदद करने को मुख्यमंत्री को निर्देश देने की मांग की है। इसके साथ ही जो वकील कोर्ट आ रहे हैं उन्हें पास जारी करने को भी कहा है। अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल की ओर से याचिका ऑनलाइन दाखिल की गई है। याचिका में अधिवक्ताओं ने कोर्ट से सरकार और बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड से मार्च अप्रैल मई माह तक काउंसिल में पंजीकृत अधिवक्ताओं को दस हजार एवम न्यायालयों में कार्यरत कर्मचारियों को पांच पांच हजार रुपया राहत राशि देने की अपील की है। याचिका में कहा गया है कि उनके आने जाने के पास निर्गत हों और मकान मालिकों और निजी स्कूलों से भी उनके बच्चों की फीस नही लेने के आदेश दिए जाएं ।उत्तराखंड हाई कोर्ट में ऑनलाइन दायर इस याचिका की सुनवाई न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी व न्यायमुर्ति शरद कुमार शर्मा की खण्डपीठ में हुई पीठ ने सरकार से पूछा है कि अधिवक्ता कल्याण निधि में कितना पैंसा जमा है, और आदेश दिया कि इसकी जानकारी 48 घण्टे के भीतर शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट को उपलब्ध कराई जाए ,इस मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल की तिथि नियत की है। इधर सुनवाई के दौरान बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड की तरफ से कोर्ट को अवगत कराया कि इस सम्बंध में बार काउन्सिल द्वारा सरकार को अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए 28 मार्च 2020 को फण्ड रिलीज करने की मांग की गई थी। जिस पर कार्यवाही की प्रतीक्षा की जा रही है ।याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि कल्याण कोष में पर्याप्त धनराशि है जिसे संकट काल मे अधिवक्ताओं के सहायतार्थ प्रयोग करना चाहिए । इस बाबत निर्णय नियत अगली तिथि 23 अप्रैल को होने की उम्मीद की जा रही है । फिलहाल न्यायिक कार्य बाधित होने के कारण अधिकांश अधिवक्ताओं के सामने आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ है।