कोरोना टीके की झारखंड में सबसे ज्यादा हुई बर्बादी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कोविड रोधी टीकों की सबसे ज्यादा 33.95 फीसदी बर्बादी झारखंड में हुई। आंकड़ों के मुताबिक केरल में टीकों की बर्बादी का…

Whats App Image 2026 03 19 at 11 25 19 AM

c7b0f093f4e44506698d73af9d41be37

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कोविड रोधी टीकों की सबसे ज्यादा 33.95 फीसदी बर्बादी झारखंड में हुई।

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272

आंकड़ों के मुताबिक केरल में टीकों की बर्बादी का आंकड़ा नकारात्मक 6.37 फीसदी रहा जबकि पश्चिम बंगाल में यह आंकड़ा नकारात्मक 5.48 फीसदी है। टीकों की बर्बादी का आंकड़ा नकारात्मक होने का अर्थ टीके की हर शीशी में मौजूद अतिरिक्त खुराक का भी इस्तेमाल करना है।

इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में 15.79 फीसदी टीके बेकार गए और मध्यप्रदेश में 7.35 फीसदी टीके बर्बाद हुए। पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में क्रमश: 7.08 फीसदी, 3.95 फीसदी, 3.91 फीसदी, 3.78 फीसदी और 3.63 फीसदी और 3.59 फीसदी टीके बेकार गए।

भारत में 45 वर्ष से अधिक के 38 फीसदी लोगों को सात जून तक टीके की पहली खुराक दी गई। त्रिपुरा में यह आंकड़ा 92 फीसदी, राजस्थान व छत्तीसगढ़ में 65-65 फीसदी, गुजरात में 53 फीसदी, केरल में 51 फीसदी और दिल्ली में 49 फीसदी रहा। तमिलनाडु में 19 फीसदी, झारखंड और उत्तर प्रदेश में 24-24 फीसदी और बिहार में 25 फीसदी रहा।