देश में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी चर्चाओं के बीच कांग्रेस नेता ने संसद में पेश किया यह उपाय

उत्तरा न्यूज टीम
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दिल्ली। देश में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी चर्चाओं के बीच कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने संसद में एक प्राइवेट मेंबर बिल पेश करते हुए उपाय बताया है कि नियुक्ति के लिए प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाए और इस समिति में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश को भी शामिल हों। बिल में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के लिए 6 साल के निश्चित कार्यकाल और क्षेत्रीय आयुक्तों के लिए नियुक्ति की तारीख से 3 साल की परिकल्पना की गई है।

इसके अलावा यह बिल सभी पंजीकृत राजनीतिक दलों के आंतरिक चुनावों सहित सभी राजनीतिक दलों के आंतरिक कामकाज को विनियमित, निगरानी और अधीक्षण” करने के लिए चुनाव आयोग को अधिक शक्ति देने की भी मांग करता है।

मनीष तिवारी ने तर्क दिया है कि बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों की आंतरिक कार्यप्रणाली और संरचनाएं बहुत अपारदर्शी हो गई हैं और उनके कामकाज को पारदर्शी, जवाबदेह और नियम आधारित बनाने की आवश्यकता है। इस दौरान मनीष तिवारी ने एक बार फिर से चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और स्वायत्तता का मुद्दा भी उठाया।