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दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में CBI की चार्जशीट में सिसोदिया का नाम नहीं, केजरीवाल ने घेरा

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दिल्ली। दिल्ली की आबकारी नीति से संबंधित घोटाला मामले में गिरफ्तार व्यापारी विजय नायर व अभिषेक बोनिपल्ली तथा अन्य पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने विशेष अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया है। सिसोदिया का नाम इस आरोपपत्र में नहीं है, जबकि सीबीआई की प्राथमिकी में वे नामजद हैं। अब इस मामले में आम आदमी पार्टी मुखर होकर सत्य सामने आने की बात कह रही है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आबकारी नीति घोटाला मामले को ‘फर्जी’ करार दिया और आरोप लगाया कि इसमें उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को फंसाने का प्रयास किया गया। केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘सीबीआई आरोपपत्र में मनीष का नाम नहीं। पूरा मामला फर्जी। रेड में कुछ नहीं मिला। 800 अफसरों को चार महीने की जांच में कुछ नहीं मिला। मनीष ने शिक्षा क्रांति से देश के करोड़ों गरीब बच्चों को अच्छे भविष्य की उम्मीद दी। मुझे दुःख है ऐसे शख्स को झूठे केस में फंसा कर बदनाम करने की साज़िश रची गयी।’

बताते चलें कि आरोप पत्र में नायर व बोनिपल्ली के अलावा इंडिया एहेड न्यूज के प्रबंध निदेशक मूथा गौतम, हैदराबाद निवासी शराब कारोबारी एवं रोबिन डिस्टिलियरीज एलएलपी में बोनिपल्ली के साझेदार अरुण आर. पिल्लई, इंडो स्पीरिट के मालिक समीर महेंद्र व आबकारी विभाग के उपायुक्त कुलदीप सिंह तथा सहायक आयुक्त नरेंद्र सिंह के नाम शामिल हैं। नायर एवं बोनिपल्ली को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था, लेकिन हाल ही में विशेष अदालत ने उन्हें जमानत दे दी थी, लेकिन प्रवर्तन निदेशालय के मामले में वे अब भी हिरासत में हैं। सातों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक साजिश) तथा भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम में रिश्वतखोरी के प्रावधान के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है।