valley bridge

Case filed for valley bridge collapse connecting Tibet border

निर्माणाधीन रोड के लिए पोकलैंड मशीन ले जाने के दौरान सोमवार को सीमांत क्षेत्र में ध्वस्त हो गया था पुल (valley bridge collapse)

पिथौरागढ़। सीमांत क्षेत्र मुनस्यारी-मिलम मार्ग पर सेनार गाड़ में बीआरओ का पुल टूटने (valley bridge collapse) के मामले की जांच डीएम ने एसडीएम मुनस्यारी को सौंप दी है। वहीं बीआरओ ने मामले में  मुनस्यारी थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है। 

  उल्लेखनीय है कि तिब्बत-चीन सीमा के नजदीक मिलम तक सड़क संपर्क बनाने के लिए बीआरओ ने वर्ष 2009 में मुनस्यारी तहसील क्षेत्र में धापा के पास सेनारगाड़ में वैली ब्रिज (valley bridge) का निर्माण किया था। इस मार्ग से सीमांत क्षेत्र मिलम तक सेना और अर्धसैनिक बलों की आवाजाही होती है। साथ ही यह मार्ग इस इलाके के करीब डेढ़ दर्जन गांवों को जोड़ता है और उनकी पैदल आवाजाही का रास्ता भी है।


इन दिनों मिलम तक मार्ग निर्माण का काम चल रहा है। इसके लिए हल्द्वानी से ट्राले के जरिये पोकलैंड मशीन लीलम ले जाई जा रही थी। सोमवार सुबह जब ट्राला मशीन लेकर सेनारगाड़ में बने वैली ब्रिज को पार कर रहा था तो अत्यधिक भार के कारण भरभराकर गिर गया (valley bridge collapse)और ट्राले व पोकलैंड समेत नदी में जा गिरा।

इस हादसे में ट्राला चालक अल्मोड़ा निवासी गोधन सिंह और पोकलैंड आपरेटर लखविंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को हल्द्वानी रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि भारी मशीन लेकर ट्राला चालक को वैली ब्रिज पार करने से मना किया गया था। जिलाधिकारी डा. वीके जोगदंडे ने पुल टूटने के मामले की जांंच के आदेश करते हुए एसडीएम मुनस्यारी एके शुक्ला को जांच सौंपी है। वहीं बीआरओ के उपकमान अधिकारी जयबीर सिंह ने मामले में ट्राला मालिक और चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

बताया जा रहा है कि पोकलैंड मशीन को लीलम पहुंचाने के बाद ही यह सड़क निर्माण कंपनी के कांट्रेक्ट के अधीन आती। हालांकि आपराधिक लापरवाही के मामले में निर्माण कंपनी या और लोग भी जांंच के दायरे में सकते हैं। जानकारी के अनुसार इस मामले को लेकर आज बुधवार को जिलाधिकारी द्वारा अधिकारियों की बैठक ली जा सकती है।

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