अल्मोड़ा। जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है पूर्व दर्जा मंत्री दिनेश सिंह कुंजवाल ने कांग्रेस छोड़ कर यूकेडी का दामन थाम लिया है।
दिनेश कुंजवाल पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और पांच बार लगातार विधायक रहे गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे हैं।
वह 2002 से-2007 तक वह कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता रहे। हरीश रावत सरकार में वह दर्जा मंत्री रहे थे।
जैंती में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों की मौजूदगी में उन्होंने उक्रांद की सदस्यता ग्रहण की।
उक्रांद में शामिल होने के बाद दिनेश कुंजवाल ने कहा कि उत्तराखंड के सामने आज रोजगार, पलायन और मूलभूत सुविधाओं की गंभीर चुनौतियां हैं। पहाड़ के संसाधनों की लूट के बीच जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को बचाने का सवाल है और पहली बार वह सही मंच पर हैं। मंच से उन्होंने पहाड़ी राज्य की अवधारणा को पूर्ण करने के लिए गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की भी पैरवी भी की।
इस मौके पर उक्रांद के संस्थापक सदस्य रहे काशी सिंह ऐरी ने कहा कि पूरे प्रदेश में इस बार उक्रांद की लहर दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय दलों ने उत्तराखंड के जल, जंगल और जमीन के संसाधनों का दोहन किया है। उन्होंने कहा कि जनता अब बदलाव के लिए तैयार है ।
यूकेडी के केन्द्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि पहाड़ की जनता बदलाव चाहती है। वहीं यूथ उक्रांद के आशुतोष नेगी ने भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तराखंड को बचाने के लिए दोनों दलों को प्रदेश से बाहर करने का समय आ गया है।
इधर दिनेश के उक्रांद में शामिल होने को जागेश्वर क्षेत्र में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में डा. नारायण सिंह जंतवाल, पुष्पेश त्रिपाठी, आशुतोष नेगी, चंद्रशेखर कापड़ी, कुंदन बिष्ट, बहादुर सिंह रावत, गिरीश नाथ गोस्वामी, जिलाध्यक्ष दिनेश जोशी, पान सिंह लटवाल, रघुवीर भाकुनी और दीपा जोशी समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे।

