अल्मोड़ा:: बिमोला का आगनबाड़ी केन्द्र को यूं ही नहीं कहते मॉडल आगनबाड़ी केन्द्र

बिमोला का आंगनबाड़ी केंद्र अपने अनूठे प्रयासों के चलते मॉडल आगनबाड़ी केन्द्र घोषित किया गया है। बिमोला आंगनबाड़ी केन्द्र में सरकार की योजनाओं को लागू…



बिमोला का आंगनबाड़ी केंद्र अपने अनूठे प्रयासों के चलते मॉडल आगनबाड़ी केन्द्र घोषित किया गया है।


बिमोला आंगनबाड़ी केन्द्र में सरकार की योजनाओं को लागू करने के साथ ही समुदाय के साथ बेहतर तालमेल कर वहां आने वाले बच्चों के कल्याण के लिए कार्य किए हैं।

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आगनबाड़ी कार्यकत्री सुनीता तिवारी ने बताया कि केंद्र में बीते सितंबर माह में पोषण माह कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसकी थीम थी पिता द्वारा बच्चों की सहभागिता, इसमें सामाजिक कार्यकर्ता शंकर जोशी ने आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों के लिए पंखा उपलब्ध कराया था।


उन्होंने कहा कि केन्द्र द्वारा बच्चों की शिक्षा में सहायता करना, स्कूल और घर के बीच तालमेल बनाना, और बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देना शामिल है। इसमें शिक्षा से जुड़े विषयों पर बच्चों से बात करना, गृहकार्य में मदद करना, और स्कूल की गतिविधियों में भाग लेना जैसी प्रत्यक्ष सहभागिता शामिल है। साथ ही, माता-पिता के रूप में अपने बच्चे को पहचानना और उसके परवरिश के अनूठे तरीके को स्वीकार करना भी एक महत्वपूर्ण थीम है।


उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त घर-आधारित सहायता, अनुकूल शिक्षण वातावरण बनाना, बच्चों को यह महसूस कराना कि उनकी पढ़ाई और स्कूल के काम में उनकी रुचि है और बच्चों के साथ ज्ञान साझा करना मुख्य है।


उन्होंने बताया कि बिमोला आगनबाड़ी का मॉडल केंद्र है जिसमें पोषण की पढ़ाई भी की जाती है । उन्होंने बताया कि मॉडल केंद्र को देखते हुए राज्य स्तरीय पुरस्कार दिया गया है ।

उन्होंने बताया कि समय-समय पर इस केंद्र का जिला कार्यक्रम अधिकारी और सीडीपीओ, और सुपरवाइजर का निरक्षण होता रहता है इससे कार्यक्रमों को सरकार की मंशा अनुरूप संचालित किया जा रहा है।