अल्मोड़ा। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की अल्मोड़ा शाखा के साथ धोखाधड़ी कर लाखों रुपये का ऋण हड़पने वाले इंजीनियर को कोतवाली अल्मोड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस टीम ने अभियुक्त को चम्पावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
यह पूरा मामला पिछले साल नवंबर का है। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक शाखा अल्मोड़ा के प्रबंधक समीर भटनागर ने 4 नवंबर 2025 को कोतवाली अल्मोड़ा में एक लिखित तहरीर दी थी। शिकायत में बताया गया था कि लोक निर्माण विभाग अल्मोड़ा के प्रथम वृत्त में अधीक्षण अभियंता हिमांशु कुमार ने बैंक में कूटरचित और जाली दस्तावेज पेश किए।
इन फर्जी कागजातों के आधार पर बैंक से 19 लाख रुपये की क्रेडिट लिमिट स्वीकृत करा ली और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से धोखाधड़ी कर पूरा ऋण प्राप्त कर लिया। बैंक प्रबंधक की तहरीर पर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
लोहाघाट से हुई गिरफ्तारी, मुकदमे में बढ़ी धाराएं
अपर पुलिस अधीक्षक हरबन्स सिंह के मार्गदर्शन और सीओ अल्मोड़ा बलवन्त सिंह रावत के पर्यवेक्षण में प्रभारी कोतवाली अल्मोड़ा के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम लगातार सुरागरसी-पतारसी और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से अभियुक्त की तलाश में जुटी थी।
अथक प्रयासों के बाद पुलिस ने 9 जुलाई 2026 को वांछित अभियुक्त हिमांशु कुमार को चम्पावत के लोहाघाट से दबोच लिया। जांच और विवेचना के दौरान मामले में जालसाजी और धोखाधड़ी की गंभीरता को देखते हुए मुकदमे में बीएनएस की कई अन्य धाराएं भी बढ़ाई गई हैं।पुलिस टीम में उप मनोज कुमार, प्रभारी चौकी बेस, कोतवाली अल्मोड़ा,कांस्टेबल सुन्दर लाल बाराकोटी और सूरज कुमार शामिल रहे।

