बाबा आढाव के अनशन खत्म करने के बाद दो दर्जन से ज्यादा उम्मीदवारों ने की दोबारा मतगणना की मांग

महाराष्ट्र में एक ओर नए मुख्यमंत्री को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है तो वहीं दूसरी ओर ईवीएम को लेकर भी बहस खत्म होने…

महाराष्ट्र में एक ओर नए मुख्यमंत्री को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है तो वहीं दूसरी ओर ईवीएम को लेकर भी बहस खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। वरिष्ठ समाजसेवी बाबा आढाव ने ईवीएम के खिलाफ अपने अनशन तो समाप्त कर दिया है लेकिन नतीजों से असंतुष्ट उम्मीदवारों ने पुनर्मतगणना की मांग की है।

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जाने क्या है पूरा मामला

महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद विपक्षी दलों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के विरुद्ध अब बहस बढ़ाते हुए दिखाई दे रही है। वरिष्ठ समाज सेवी 95 वर्षीय बाबा आढाव द्वारा तीन दिन अनशन करने के कारण ईवीएम के विरुद्ध बहस तेज हो गई है।

चुनाव हारने वाले करीब दो दर्जन उम्मीदवारों ने दोबारा से मतगणना के लिए आवेदन भी किया है। उन्होंने कहा है की प्रति ईवीएम 40,000 रुपए एवं जीएसटी जमा करनी होती है। दूसरे और तीसरे स्थान पर आए उम्मीदवार भी पुनर मतगणना के लिए कह सकते हैं।

बाबा आढाव का अनशन समाप्त

हालांकि शनिवार को बाबा का अनशन तो समाप्त हो गया, लेकिन इस दौरान शरद पवार अजित पवार उद्धव ठाकरे और छगन भुजबल आदि नेताओं ने उनसे मिलकर चुनाव प्रक्रिया और ईवीएम को बहस का मुद्दा बनाया। उनके अनशन के दौरान राकांपा (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार एवं शिवसेना (यूबीटी) के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे भी उनसे मिलने फुलेवाड़ा पहुंचे।

महायुति की ओर से उनसे मिलने पहले राकांपा के नेता छगन भुजबल पहुंचे थे और शनिवार को राकांपा अध्यक्ष अजीत पवार पहुंचे। अजीत पवार ने बाबा से मिलकर उनकी सभी शंकाओं का समाधान करने की कोशिश की। EVM के विरुद्ध महाराष्ट्र कांग्रेस ने हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया।

इन्होंने भी की दोबारा मतगणना की मांग

उन्हीं की तरह पुणे की हड़पसर सीट से लड़े राकांपा (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवार प्रशांत जगताप, नासिक में छगन भुजबल के विरुद्ध लड़े माणिकराव शिंदे, बहुजन विकास आघाड़ी के नेता हितेंद्र ठाकुर एवं उनके पुत्र क्षितिज ठाकुर तथा पारनेर सीट से हारीं रानी लंके सहित करीब दो दर्जन उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग के नियमानुसार अपने-अपने क्षेत्र के कुछ बूथों पर पुनर्मतगणना का आवेदन किया है। नियम के अनुसार उम्मीदवार चुनाव परिणाम आने के एक सप्ताह के अंदर निर्वाचन क्षेत्र की पांच प्रतिशत ईवीएम की पुनः मतगणना की मांग कर सकता है।

5 दिसंबर को शपथग्रहण

बता दें कि महाराष्ट्र में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह पांच दिसंबर को शाम पांच बजे होगा। इसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी उपस्थित रहेंगे, लेकिन, अभी मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।