अल्मोड़ा जिले में वनाग्नि फैलाने वालों पर एक्शन: 5 थानों में मुकदमे दर्ज

अल्मोड़ा। जनपद में लगातार धधक रही जंगलों की आग (फॉरेस्ट फायर) की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग ने असामाजिक…

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अल्मोड़ा। जनपद में लगातार धधक रही जंगलों की आग (फॉरेस्ट फायर) की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और वन विभाग ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिलाधिकारी अंशुल सिंह के कड़े निर्देशों के बाद आज जिले के 5 अलग-अलग पुलिस थानों में अज्ञात शरारती तत्वों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। डीएम ने साफ चेतावनी दी है कि जंगलों में आग लगाने वाले मुकदमों की जद में आएंगे और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

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जिलाधिकारी के आदेश पर जिन 5 थाना क्षेत्रों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है, उनमें सल्ट, रानीखेत, चौखुटिया, द्वाराहाट तथा भतरौजखान शामिल हैं। इन मुकदमों का मुख्य उद्देश्य जंगलों में जानबूझकर आग लगाने वाले और प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।


पर्यावरण और मानव जीवन के लिए बड़ा खतरा: जिलाधिकारी
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि वनाग्नि केवल पेड़ों या जंगलों तक सीमित समस्या नहीं है, बल्कि यह हमारे पर्यावरण, अमूल्य वन्यजीवों, जैव विविधता, सूखते जल स्रोतों तथा सीधे तौर पर मानव जीवन के लिए एक गंभीर खतरा बन चुकी है। जंगलों की आग से पहाड़ों की प्राकृतिक संपदा को ऐसी क्षति पहुंचती है जिसकी भरपाई मुमकिन नहीं है, साथ ही इससे स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका भी बुरी तरह प्रभावित होती है। प्रशासन, राजस्व और वन विभाग की टीमें सैटेलाइट और जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।


अधिकारियों को निर्देश: गश्त बढ़ाएं और आरोपियों को दबोचें
डीएम ने पुलिस, वन विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया है कि वे संवेदनशील वन क्षेत्रों में नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाएं। उन्होंने थानों को निर्देश दिए कि अज्ञात के खिलाफ दर्ज इन 5 मुकदमों में लगातार छानबीन, लोकल इनपुट और पूछताछ के जरिए असली आरोपियों तक पहुंचें और उन्हें सलाखों के पीछे भेजें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि एफआईआर की यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।


बीड़ी-सिगरेट न फेंकें, सूखी घास जलाने से बचें
जिला प्रशासन और प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) दीपक सिंह ने आम जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि फॉरेस्ट फायर को रोकना केवल सरकारी तंत्र के बूते की बात नहीं है, यह पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे जंगलों के आसपास बीड़ी, सिगरेट या अन्य जलती हुई सामग्री न फेंकें। साथ ही नाप खेतों में कूड़ा, सूखी घास या पत्तियां जलाने से पूरी तरह बचें। वनाग्नि की सूचना मिलते ही तुरंत कंट्रोल रूम, पुलिस या वन विभाग को सूचित करें। उत्तराखंड की अन्य मुख्य खबरों के लाइव अपडेट्स के लिए यहाँ क्लिक करें।

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