SIR Update-उत्तराखण्ड में वोटर लिस्ट फ्रीज: नाम जुड़वाने या कटवाने के लिए अब 15 सितंबर तक करना होगा इंतजार

देहरादून। उत्तराखण्ड के नागरिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य की मौजूदा मतदाता सूची (Voter List) को पूरी तरह…

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देहरादून। उत्तराखण्ड के नागरिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य की मौजूदा मतदाता सूची (Voter List) को पूरी तरह से फ्रीज कर दिया है। इसके तहत अब प्रदेश में न तो किसी नए मतदाता का नाम सूची में लाइव जोड़ा जा सकेगा और न ही किसी पुराने नाम को हटाया जा सकेगा। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने और आगामी 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होने के बाद ही यह रोक हटेगी। हालांकि, इस पाबंदी के दौरान नए वोटर बनने से लेकर संशोधन तक की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सामान्य रूप से जरूर जारी रहेगी।

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जानकारी के अनुसार, उत्तराखण्ड में आगामी 29 मई 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की शुरुआत होने जा रही है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के कारण यह बंदिश लागू की गई है। इस अभियान के लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से प्रदेश स्तरीय ट्रेनिंग पूरी की जा चुकी है, जबकि 7 जून तक जिला स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 8 जून से 7 जुलाई के बीच बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाएंगे।


चुनावी डेटाबेस ‘रीड ओनली मोड’ पर, 15 सितंबर तक ये कार्य रहेंगे ठप:
डेटा फ्रीज होने के कारण राज्य के निर्वाचन विभाग में आगामी 15 सितंबर तक निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी तरह से रुकी रहेंगी:
डेटाबेस में तुरंत नाम जुड़ना या कटना बंद:
आम दिनों में वोटर हेल्पलाइन एप या एनवीएसपी (NVSP) पोर्टल के जरिए नाम जोड़ने (फॉर्म-6), नाम कटवाने (फॉर्म-7) या संशोधन (फॉर्म-8) के लिए किए जाने वाले आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई नहीं होगी। चुनावी डेटाबेस इस समय ‘रीड ओनली मोड’ पर चला गया है, जिससे ड्राफ्ट रोल तैयार होने तक कोई भी नया नाम लाइव लिस्ट में नहीं दिखेगा।
वोटर आईडी कार्ड की प्रिंटिंग और डिलीवरी पर रोक:
डेटा फ्रीज होने और बैकएंड पर संशोधन की प्रक्रिया चलने के कारण नए वोटर आईडी कार्ड्स की छपाई और डाक के जरिए होने वाली उनकी डिलीवरी अस्थायी रूप से स्थगित रहेगी।


BLO और ERO नहीं कर पाएंगे आवेदनों का निपटारा:
इस अवधि के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) और निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के स्तर पर सामान्य दिनों की तरह आवेदनों को अप्रूव या रिजेक्ट करने की नियमित डिजिटल प्रक्रिया पूरी तरह लॉक रहेगी।


विधानसभा क्षेत्र का ट्रांसफर रुका:
यदि कोई मतदाता एक शहर या दूसरी विधानसभा क्षेत्र में शिफ्ट हुआ है और वह तुरंत अपने पते में बदलाव कराना चाहता है, तो उसे भी 15 सितंबर तक का इंतजार करना होगा।
निर्वाचन कार्यालय ने कहा है कि 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची के आधिकारिक प्रकाशन के साथ ही रोके गए सभी आवेदनों पर फिर से कार्यवाही शुरू कर दी जाएगी।

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