केदारनाथ-बदरीनाथ के चढ़ावे से वीआईपी मेहमाननवाजी! एक्टिविस्ट ​एडवोकेट विकेश नेगी ने मंदिर समिति पर वित्तीय हेरफेर के लगाए आरोप

देहरादून/रुद्रप्रयाग। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे के धन के दुरुपयोग और भारी वित्तीय अनियमितताओं का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया…

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देहरादून/रुद्रप्रयाग। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में श्रद्धालुओं के दान-चढ़ावे के धन के दुरुपयोग और भारी वित्तीय अनियमितताओं का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। बीकेटीसी में व्याप्त गड़बड़ियों को उजागर करने में जुटे सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने सूचना के अधिकार (RTI) से प्राप्त प्रमाणित और सत्यापित दस्तावेजों के आधार पर मंदिर समिति प्रबंधन के खिलाफ सीधा मोर्चा खोल दिया है। आरटीआई से मिले पुख्ता आंकड़ों के आधार पर उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर समिति ने विगत यात्राकाल के दौरान नियमों को ताक पर रखकर तमाम अनाधिकृत व्यक्तियों के आवास, भोजन और हेलीकॉप्टर टिकटों पर श्रद्धालुओं की आस्था की गाढ़ी कमाई का लाखों रुपया पानी की तरह बहा दिया।

अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने बीकेटीसी प्रबंधन पर सीधे तौर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा भगवान के चरणों में अर्पित किए गए पवित्र धन का इस्तेमाल राजनीतिक प्रबंधन और रसूखदारों की वीआईपी मेहमाननवाजी के लिए किया जा रहा है। उन्होंने दस्तावेजों के हवाले से आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस (RSS) नेताओं को उपकृत करने के लिए अनाधिकृत तरीके से उन्हें ‘सरकारी अतिथि’ का दर्जा दिया गया और उनके सुख-आराम व ऐश-ओ-आराम की पूरी व्यवस्था मंदिर कोष के पैसे से की गई।

कैबिनेट मंत्री की पुत्री से लेकर वीआईपी नेताओं के बिलों का आरटीआई में बड़ा खुलासा

अधिवक्ता नेगी ने आरटीआई से मिले पूरी तरह सत्यापित और प्रमाणित दस्तावेजों का हवाला देते हुए उन विशिष्ट नामों और उनके ठहरने-खाने पर आए भारी-भरकम खर्चों का विवरण सार्वजनिक किया है, जिन पर मंदिर समिति के धन के दुरुपयोग का सीधा आरोप है:

  • नेहा जोशी (कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की पुत्री): आरोप है कि गत वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के मौके पर पहुंची नेहा जोशी के 30 अप्रैल और 01 मई, 2025 के मात्र दो दिनों के आवास व भोजन पर बीकेटीसी ने नियमों के विरुद्ध जाकर ₹40,000 की भारी-भरकम राशि खर्च की।
  • पंकज मोदी: इनके केदारनाथ प्रवास के दौरान आवास और अन्य शाही व्यवस्थाओं पर आए ₹20,000 के बिल का भुगतान भी मंदिर समिति के कोष से किए जाने का आरोप है।
  • आशा नौटियाल (विधायक, केदारनाथ): इनके वीआईपी ठहरने और भोजन आदि पर ₹37,500 खर्च किए जाने के आंकड़े सामने आए हैं।
  • आरएसएस नेता प्रकाश व निरंजन: इन नेताओं के धामों में ठहरने पर ₹30,500 का मोटा भुगतान मंदिर समिति द्वारा किए जाने का सीधा आरोप है।
  • भारत भूषण भट्ट (भाजपा जिलाध्यक्ष, रुद्रप्रयाग): इनके और इनके साथ आए अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के महंगे आवास पर ₹24,000 की सरकारी धनराशि खर्च की गई।

इसके अतिरिक्त, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी और मुख्य कार्याधिकारी के चहेते अतिथियों के रूप में कई अन्य रसूखदारों को धामों की सैर कराकर उनके वीआईपी दौरों पर भी लाखों रुपये लुटाने के गंभीर आरोप लगे हैं।

चहेते अतिथियों के हेलीकॉप्टर टिकटों का खर्च भी मंदिर कोष पर थोपने का आरोप

अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी ने बीकेटीसी प्रबंधन पर हेलीकॉप्टर टिकटों के आवंटन और भुगतान में भी बड़े घपले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यात्राकाल के दौरान बीकेटीसी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के करीबियों और अतिथियों के लिए बुक किए गए हेलीकॉप्टर टिकटों का पूरा भुगतान नियमों के विपरीत जाकर मंदिर के मुख्य कोष से किया गया, जिससे मंदिर की संचित पूंजी को लाखों रुपये का सीधा और भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया।

पहले के घपले-घोटालों का भी दिया हवाला, उच्चस्तरीय जांच की उठी मांग

गौरतलब है कि अधिवक्ता विकेश सिंह नेगी आरटीआई के जरिए लगातार बीकेटीसी के भीतर चल रहे कथित घपले-घोटालों को उजागर कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व के मामलों का संदर्भ देते हुए याद दिलाया कि इससे पहले भी बीकेटीसी के एक उपाध्यक्ष विजय सिंह कपरवाण द्वारा अपनी पत्नी को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दिखाकर ₹12,000 प्रति माह और रुद्रप्रयाग स्थित अपने निजी घर को ही कार्यालय दिखाकर ₹25,000 प्रति माह का अवैध भुगतान डकारने का मामला प्रमाणित हो चुका है। इसके अलावा मंदिर कोष से ₹11 लाख केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों को बिना किसी विधिक आधार के रेवड़ियों की तरह बांटने का आरोप भी लग चुका है।

इन तमाम सत्यापित और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के सामने आने के बाद अधिवक्ता नेगी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि बीकेटीसी में चल रहे इस संगठित भ्रष्टाचार और वीआईपी मेहमाननवाजी के खेल की तत्काल किसी स्वतंत्र एजेंसी से उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई होनी अनिवार्य है क्योंकि बदरीनाथ और केदारनाथ धाम विश्वभर के करोड़ों सनातनियों की अटूट आस्था के सर्वोच्च केंद्र हैं, और भगवान के इस पवित्र खजाने में किसी भी प्रकार की लूट या भ्रष्टाचार को सनातनी समाज किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।

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