कौसानी में ‘सुमित्रानंदन पंत स्मृति एवं लोक संरक्षण समिति’ का ऐलान,बलवंत सिंह नेगी बने अध्यक्ष

Sumitranandan Pant Smriti and Lok Sanrakshan Samiti Formed In Kausani Balwant Negi Elected President कौसानी। प्रकृति के सुकुमार कवि व महान हिंदी साहित्यकार महाकवि सुमित्रानंदन…

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Sumitranandan Pant Smriti and Lok Sanrakshan Samiti Formed In Kausani Balwant Negi Elected President

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कौसानी। प्रकृति के सुकुमार कवि व महान हिंदी साहित्यकार महाकवि सुमित्रानंदन पंत जी की जयंती के पावन अवसर पर बुधवार 20 मई 2026 को कौसानी में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। श्रीमद् भगवत गीता भवन के कैप्टन दौलत सिंह महरा व्याख्यान कक्ष में आयोजित इस विशेष बैठक में क्षेत्र के तमाम प्रबुद्ध ग्रामीणों, साहित्य प्रेमियों और जनप्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। बैठक की शुरुआत में देश और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से.नि.) भुवन चंद्र खंडूड़ी जी के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख जताते हुए दो मिनट का मौन रखा गया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।


इसके उपरांत, कौसानी की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के उद्देश्य से बैठक में सर्वसम्मति से एक नई कार्यकारिणी “सुमित्रानंदन पंत स्मृति एवं लोक संरक्षण समिति” का गठन किया गया। समिति के सुचारू संचालन के लिए सर्वसम्मति से पदाधिकारियों का चयन भी किया गया, जिसमें कौसानी के जिला पंचायत सदस्य बलवंत सिंह नेगी को अध्यक्ष और पूर्व प्रधान बच्चन आर्य को उपाध्यक्ष चुना गया। निर्मला महरा को उपाध्यक्ष (महिला) डॉ. महेंद्र सिंह महरा को सचिव,चंद्रेश सिंह बिष्ट को कोषाध्यक्ष,रविंद्र सिंह को उप सचिव चुना गया।कृष्ण कुमार सिंह महरा,अतुल कुमार सिंह महरा और पंकज सिंह को कार्यकारिणी का सदस्य चुना गया।


बैठक को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कौसानी केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और वादियों के लिए ही नहीं जाना जाता, है बल्कि यह हिंदी साहित्य और कुमाउनी लोक संस्कृति की एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है। इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए ऐसे संगठित प्रयासों की बेहद जरूरत है।


क्ताओं ने कहा समिति का मुख्य उद्देश्य कौसानी की साहित्यिक और लोक सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित, संवर्धित और प्रोत्साहित करना रहेगा। बैठक में दूरगामी महत्व के दो बड़े प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किए गए। पहले निर्णय के तहत समिति द्वारा अब हर साल 20 मई को कौसानी की प्रथम कुमाउनी कवयित्री देवकी महरा और देश के जाने-माने वरिष्ठ साहित्यकार यमुना दत्त वैष्णव ‘अशोक’ की स्मृति में प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।


दूसरे महत्वपूर्ण निर्णय में यह तय किया गया कि कौसानी में एक भव्य ‘लोक भवन’ के निर्माण के लिए पुरजोर प्रयास किए जाएंगे। इस प्रस्तावित लोक भवन में एक आधुनिक थियेटर, आर्ट गैलरी तथा लोक साहित्य व हिंदी साहित्य के संरक्षण से जुड़ी तमाम रचनात्मक गतिविधियां संचालित की जाएंगी।


बैठक में अतुल सिंह महरा, चंद्रेश सिंह बिष्ट, कमल सिंह नेगी, हरिविनोद सिंह महरा, श्रीमती निर्मला महरा, कृष्ण कुमार सिंह, कमल कोरंगा, पूरन सिंह रावत, भुवन सिंह भंडारी, पंकज सिंह, डॉ. महेंद्र सिंह महरा ‘मधु’, पंकज गिरी, सुमित गोस्वामी, बच्चन आर्य, रविंद्र नेगी, पवन सिंह महरा और बलवंत सिंह नेगी आदि लोग मौजूद रहे।

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