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बालप्रहरी की बाल लेखन कार्यशाला का समापन, बच्चों में रचनात्मक विकास को समर्पित रहा आयोजन

70 बच्चों ने रची अपनी दुनिया—हस्तलिखित पुस्तकों व कविताओं ने जीता सबका मन हवालबाग (अल्मोड़ा)। ज्ञान विज्ञान चिल्ड्रंस एकेडमी, हवालबाग एवं नागरिक शिक्षा केंद्र, हवालबाग…

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70 बच्चों ने रची अपनी दुनिया—हस्तलिखित पुस्तकों व कविताओं ने जीता सबका मन

हवालबाग (अल्मोड़ा)। ज्ञान विज्ञान चिल्ड्रंस एकेडमी, हवालबाग एवं नागरिक शिक्षा केंद्र, हवालबाग के सहयोग से बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति के संयुक्त तत्वावधान में 22 अप्रैल से आयोजित बाल लेखन कार्यशाला का समापन समारोह हो गया है।


बच्चों के बीच रचनात्मक वातावरण में सम्पन्न इस आयोजन में बाल कवि सम्मेलन पूरे कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा।


कवि सम्मेलन का संचालन शुभांगी पंत द्वारा किया गया, जबकि अध्यक्षता कक्षा 6 के छात्र आयुष कुमार ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मानसखण्ड-यू कास्ट के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गिरीश चंद्र सिंह नेगी एवं विशिष्ट अतिथि इंजीनियर दीपक बिष्ट उपस्थित रहे।


कवि सम्मेलन में दीप्ति साह, इशिता, शुभांगी पंत, प्रणिता, हर्षवर्धन, मनन, अंकिता आर्या, अनुष्का मेहता, दिया कनवाल आदि विद्यार्थियों ने हवालबाग, पर्यावरण, स्वच्छता, पानी की बर्बादी, भोजन की बर्बादी, मेरा गांव जैसे विविध विषयों पर अपनी स्वरचित कविताओं का भावपूर्ण एवं प्रभावशाली पाठ किया।


समूचे कार्यक्रम का संचालन कक्षा 10 की छात्रा दीप्ति साह ने किया।
समापन समारोह में 70 बच्चों द्वारा तैयार हस्तलिखित पुस्तकों की प्रदर्शनी सभी के आकर्षण का केंद्र रही। बालप्रहरी, बाल वाटिका, बाल भारती, नव प्रभात, नई ज्योति, नई किरण, किशोरी स्वर, बाल विचार जैसे रचनात्मक नामों से सजी इन पुस्तकों ने बच्चों की कल्पनाशीलता और सृजनशीलता की अनूठी झलक प्रस्तुत की।


कार्यक्रम में उदय किरौला द्वारा निर्देशित नुक्कड़ नाटक ‘मोबाइल टन टना टन टन’ ने बढ़ती मोबाइल संस्कृति पर सार्थक व्यंग्य प्रस्तुत कर सभी को सोचने पर विवश किया। साथ ही, अंजलि आर्या, पीयूष धौनी एवं रजत मेहता द्वारा संपादित दीवार पत्रिकाओं बाल संसार, बाल दर्पण एवं बाल रचनाकार का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया, जिसमें बच्चों की सृजनात्मक अभिव्यक्तियों को स्थान दिया गया।


इस अवसर पर बालप्रहरी संपादक उदय किरौला ने ‘एक आदमी की कहानी’ के माध्यम से बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने तथा रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। बच्चों ने केदारनाथ अग्रवाल, सफदर हाशमी एवं नीरज पंत के गीतों की प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में ऊर्जा का संचार किया।


समारोह के प्रारंभ में सभी प्रतिभागी बच्चों को बैज लगाकर सम्मानित किया गया तथा बच्चों द्वारा बनाए गए ओरिगेमी मुकुट अतिथियों को पहनाए गए। अतिथियों ने बच्चों की हस्तलिखित पुस्तकों का लोकार्पण कर उनका उत्साहवर्धन किया।


मुख्य अतिथि डॉ. गिरीश चंद्र सिंह नेगी ने अपने प्रेरक संबोधन में नई शिक्षा नीति के अंतर्गत बच्चों में “क्या, क्यों और कैसे” जैसे प्रश्न पूछने की जिज्ञासा विकसित करने पर बल दिया तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने की आवश्यकता बताई।


विशिष्ट अतिथि इंजीनियर दीपक बिष्ट ने बच्चों को बाल अधिकारों की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए इस पहल की सराहना की और इसे अत्यंत उपयोगी बताया।


कार्यक्रम के प्रारंभ में ज्ञान विज्ञान चिल्ड्रंस एकेडमी के प्रधानाचार्य अशोक पंत ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए विद्यालय की गतिविधियों से अवगत कराया। इस अवसर पर अध्यापक रश्मि पंत, गीता मुस्यूनी, ममता जोशी, गीता नेगी, पीयूष धौनी, रजत मेहता, विमला मेहता, लता नेगी, अंजलि, कौशल्या, हेम सती तथा अभिभावकगण स्नेहपूर्वक उपस्थित रहे।


कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य अशोक पंत ने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए आशा व्यक्त की कि यह कार्यशाला विद्यालय के बच्चों की अभिव्यक्ति, सृजनशीलता एवं सर्वांगीण विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।

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