ट्रंप ने कूड़ेदान में फेंका ईरान का 10 सूत्रीय प्रस्ताव!व्हाइट हाउस का दावा

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर अमेरिकी राजनीति में भारी घमासान मच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सीजफायर समझौते को लेकर…

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अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर अमेरिकी राजनीति में भारी घमासान मच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस सीजफायर समझौते को लेकर अपने ही देश में विपक्ष और नेताओं के कड़े निशाने पर आ गए हैं। ईरान की ओर से रखे गए 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर ट्रंप की हो रही तीखी आलोचना के बीच अब व्हाइट हाउस को सफाई देने के लिए सामने आना पड़ा है। व्हाइट हाउस ने बड़ा दावा किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की 10 मांगों की सूची को कूड़ेदान में फेंक दिया था।

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व्हाइट हाउस की सफाई और दावा
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान ने शुरुआत में जो 10 बिंदुओं का प्रस्ताव दिया था वह न तो गंभीर था और न ही अमेरिका को स्वीकार्य था। लेविट ने दावा किया कि इस प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज कर दिया गया था और राष्ट्रपति ट्रंप तथा उनकी बातचीत करने वाली टीम ने इस प्रस्ताव को सचमुच कूड़ेदान में डाल दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को खोलने पर सहमति जताई है और अमेरिका को एक नया प्रस्ताव मिला है जिसे बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार माना जा रहा है।


ईरान की विश लिस्ट नहीं मानेंगे ट्रंप
प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने अमेरिकी जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप कभी भी ईरान की चाहतों की सूची यानी विश लिस्ट को किसी समझौते के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे। व्हाइट हाउस ने साफ किया कि ट्रंप प्रशासन केवल वही समझौता करेगा जो पूरी तरह से अमेरिकी जनता और देश के हित में होगा। उन्होंने मीडिया से भी आग्रह किया कि वे ऐसी भ्रामक बातों को तूल न दें जिनका वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।


अमेरिका में ट्रंप की हो रही कड़ी आलोचना
इससे पहले अमेरिका के अंदर इस सीजफायर समझौते को लेकर ट्रंप का भारी विरोध देखने को मिला। कई अमेरिकी सीनेटरों ने ट्रंप की कड़ी आलोचना करते हुए उन्हें पद से हटाने तक की अपील कर डाली। एक सीनेटर ने तो ट्रंप को राष्ट्रपति पद के लिए मानसिक रूप से अनफिट तक बता दिया। वहीं सीनेटर क्रिस मर्फी ने एक दिन पहले ही ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर विचार करने को ट्रंप का सरेंडर करार दिया था।


इजरायल और ईरान की शर्तों से फंसा पेंच
यह पूरा कूटनीतिक विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब एक तरफ इजरायल लेबनान पर लगातार हमले कर रहा है और दूसरी तरफ ईरान ने साफ कह दिया है कि अमेरिका को सीजफायर या इजरायल के जरिए जंग में से किसी एक को चुनना होगा। ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि लेबनान पर हमले न रुकने की स्थिति में वह होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के कुछ ही घंटों के भीतर दोबारा बंद कर सकता है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि अमेरिकी प्रशासन इस भारी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दबाव से कैसे निपटता है।

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