नैनीताल में गुलदार के हमले में महिला की दर्दनाक मौत, शव उठाने तक की व्यवस्था नहीं, विभाग की तैयारी मॉक ड्रिल तक समिति

नैनीताल जिले के सूर्य गाँव में बुधवार की रात ऐसा मंजर सामने आया जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। गाँव की बुजुर्ग हंसी देवी…

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नैनीताल जिले के सूर्य गाँव में बुधवार की रात ऐसा मंजर सामने आया जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। गाँव की बुजुर्ग हंसी देवी रोज की तरह शाम को घर से बाहर निकली थीं, लेकिन देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटीं तो परिजनों के मन में घबराहट बढ़ने लगी। रात की खामोशी के बीच किसी को अंदेशा तक नहीं था कि जंगल में एक गुलदार उनकी राह देख रहा होगा। सुबह होते ही ग्रामीणों ने खोज शुरू की और कई घंटों की मशक्कत के बाद उनका निर्जीव शरीर गाँव से काफी ऊपर जंगल की गहराई में मिला। जिस हालत में शव बरामद हुआ, उसे देखकर पूरा गाँव दहल उठा।

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लेकिन हादसे का दर्द यहीं खत्म नहीं हुआ। हंसी देवी का शव नीचे लाने के लिए जब वन विभाग और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुँची, तो उनके पास न स्ट्रेचर था, न शव को ढकने के लिए कोई सुरक्षा सामग्री। ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों के पास बुनियादी संसाधन तक नहीं थे, जिन्हें ऐसी आपात स्थिति में तुरंत उपलब्ध होना चाहिए था।

आखिरकार स्थानीय लोग ही आगे आए और पुराने कपड़ों तथा चादरों को बाँधकर एक अस्थायी पोटली तैयार की, फिर डंडों के सहारे शव को गाँव तक ले आए। रातभर चले इस रेस्क्यू के दौरान हालात इतने भयावह थे कि ग्रामीणों के दिल दहशत से भर गए।

गाँव के लोगों ने विभागीय सुस्ती पर कड़ी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पिछले कई दिनों से जंगल में गुलदार की सक्रियता बढ़ी हुई थी और इसकी जानकारी बार-बार अधिकारियों तक पहुंचाई गई, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। घटना की रात भी सूचना देने के बावजूद मदद समय पर नहीं पहुँची, जिससे स्थानीय लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि वन विभाग केवल कागज़ी तैयारियों और मॉक ड्रिल तक ही सीमित है, जबकि असली हालात में उसकी व्यवस्था पूरी तरह कमजोर दिखती है।

लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएँ न केवल भय बढ़ाती हैं, बल्कि यह भी दिखाती हैं कि खतरों के बीच रहने वाले ग्रामीण किस तरह खुद ही हालात संभालने को मजबूर हैं। फिलहाल गाँव में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है, और लोग उम्मीद कर रहे हैं कि विभाग अब कम से कम इस लापरवाही की जिम्मेदारी लेगा और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।

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