जीआईसी चौरा में बच्चे सीख रहे कविता लेखन के गुर, 5 दिन ‌चलेगी कार्यशाला

email image link अल्मोड़ा। बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय इंटर कालेज चौरा हवालबाग में 5 दिवसीय…

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अल्मोड़ा। बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय इंटर कालेज चौरा हवालबाग में 5 दिवसीय बाल लेखन कार्यशाला शुरू हो गई है।
कार्यशाला की शुरूआत ‘ज्ञान का दिया जलाने’ समूह गीत से हुई। कार्यशाला का उद्धाटन करते हुए प्रधानाचार्य आनंद सिंह ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए समय-समयपर शिक्षणेत्तर गतिविधियां भी जरूरी है।


उन्होंने कहा कि विज्ञान के आज के युग में भी गांवों में भूत का बोलबाला है। इसके लिए बच्चों के मन में वैज्ञानिक सोच जाग्रत करना तथा बच्चों को वैज्ञानिक अवधारणा से अवगत कराया जाना आज समय की मांग है।

कार्यशाला के मुख्य संयोजक बालप्रहरी के संपादक उदय किरौला ने बताया कि कार्यशाला में प्रत्येक बच्चे की लगभग 15 पृष्ठ की हस्तलिखित पुस्तक तैयार की जाएगी। कार्यशाला के समापन पर बच्चों की काव्य गोष्ठी होगी जिसका संचालन बच्चों द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बालप्रहरी द्वारा अभी तक भारत के 16 राज्यों में बच्चों की 5 दिवसीय 335 कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी है।


उन्होंने बताया कि कोरोना काल में बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा में जोड़ने के लिए बालप्रहरी द्वारा जन सहयोग से ऑनलाइन कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लगभग 36 विधाओं में बच्चे अपनी प्रस्तुति देते हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक 1432 ऑनलाइन कार्यशालाएं आयोजित की जा चुकी हैं।


संचालन भारत ज्ञान विज्ञान समिति के हवालबाग ब्लाक संयोजक नरेंद्र पाल सिंह तथा राजकीय इंटर कालेज चौरा हवालबाग के हिन्दी अध्यापक डॉ. मनोज चंद्र जोशी ने किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अंचल के बच्चों के लिए यह कार्यशाला महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि अभी स्कूलों में प्रवेश आदि के कारण पढ़ाई का माहौल भी नहीं बना है। ऐसे में बच्चे खेल-खेल में काफी कुछ सीखेंगे तथा अपनी प्रतिभा को दिखाएंगे।


कार्यशाला के पहले दिन बच्चों ने ’तोता कहता है’, ’जैसा मैं कहूं’, कितना बड़ा पहाड़,, ’पिज्जा हट’ तथा ’नेताजी की खोज’ आदि खेलों में खूब मस्ती की।


इसके बाद बच्चों को कविता लेखन की बारीकियां बताई गई। कविता लेखन के तहत बच्चों ने पहले अपनी पाठ्य पुस्तक की कविता सुनाई।

बाद में बच्चों से पूछा गया कि इसे कविता क्यों कहा जाता है। बच्चों ने कविता में तुक, लय, भाव तथा शीर्षक आदि कविता के तत्वों को अपनी भाषा में बताया।

बच्चों ने समूह में कविता तैयार की। उसके बाद दिए गए शब्दों व विषय के आधार पर कविता तैयार की। शिक्षक एवं कवि दिनेश पांडे ने कहा कि कविता कोई सिखाने की विधा नहीं है। कविता मन के अंदर से निकलने वाली भावना है। इस कार्यशाला के माध्यम से बच्चे कविताओं को पढ़कर कविताएं सीखेंगे तथा अपने मन के उद्गारों को शब्द देंगे।

 नाम लिखो प्रतियोगिता,शब्द लेखन प्रतियोगिता, कविता लेखन, खेल प्रतियोगिता व गिनती लिखो प्रतियोगिता में पूर्व आयकर आयुक्त श्यामपलट पांडेय के सौजन्य से गरिमा भोजक,कृष्णा फर्त्याल,कुमकुम बिष्ट, ममता बिष्ट,करण मेहरा रोहित बिष्ट.आदि बच्चों को बालसाहित्य उपहार में दिया गया। 

 अध्यक्ष मंडल में ममता बिष्ट , कौशल पिलख्वाल, कृतिका आर्या, गौरव नेगी, नव्या को शामिल किया गया।इस अवसर पर  भगवंत लाल,  हरीश लाल, महेंद्र प्रकाश ,मीनाक्षी राणा, सुनीता मेहरा ,भार्गव भंडारी आदि उपस्थिति थे। अंत में  विद्यालय के प्रधानाचार्य ने सभी का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला 5 अप्रैल तक चलेगी।

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