उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट क्षेत्र में स्वीकृत होने के बावजूद केंद्रीय विद्यालय (Kendriya Vidyalaya) का संचालन इस नए शैक्षणिक सत्र (Academic Session) में भी शुरू नहीं हो सका है। लंबे समय से इस विद्यालय के खुलने का इंतजार कर रहे स्थानीय लोगों में अब प्रशासन की ‘धीमी कार्यशैली’ को लेकर भारी नाराजगी है। रानीखेत कांग्रेस जिलाध्यक्ष, पूर्व सैनिक संगठन और द्वाराहाट ब्लाक प्रमुख ने इसे लेकर कड़ा विरोध जताया है और सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी है।
स्वीकृति के एक वर्ष बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं
रानीखेत कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक किरौला के नेतृत्व में बीते दिनों जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में उन्होंने आरोप लगाया कि द्वाराहाट में केंद्रीय विद्यालय की स्वीकृति हुए लंबा समय बीत चुका है, लेकिन एक वर्ष से अधिक समय हो जाने के बावजूद अभी तक विद्यालय के संचालन को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक किरौला ने कोटद्वार और द्वाराहाट के केंद्रीय विद्यालयों की प्रक्रिया एक साथ शुरू होने का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कोटद्वार में विद्यालय खोलने की दिशा में प्रगति हुई है और वहां प्रक्रिया काफी आगे बढ़ चुकी है। वहीं, द्वाराहाट का मामला अब भी अधर में लटका हुआ है। उन्होंने प्रशासन पर इस मामले में लापरवाही बरतने और धीमी कार्यशैली अपनाने का आरोप लगाया।
पूर्व सैनिक संगठन और ब्लाक प्रमुख ने भी कसी कमर
द्वाराहाट में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग को लेकर पूर्व सैनिक संगठन ने भी बीते 31 मार्च 2026 को ज्ञापन देकर अपना विरोध दर्ज कराया। वहीं, द्वाराहाट की ब्लाक प्रमुख आरती किरौला ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर जल्द ही केंद्रीय विद्यालय खोले जाने की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई, तो वे इसके खिलाफ क्षेत्रीय जनता को साथ लेकर बड़ा आंदोलन करेंगी।
अस्थायी भवन में सत्र शुरू करने की मांग
क्षेत्रवासियों की मांग है कि द्वाराहाट में केंद्रीय विद्यालय को इसी सत्र से किसी अस्थायी भवन में संचालित करना शुरू किया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई खराब न हो। कांग्रेस और क्षेत्रीय जनता ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि इस सत्र से विद्यालय का संचालन शुरू नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

