ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष के माहौल में देशभर में लॉकडाउन को लेकर फैल रही बातों को केंद्र सरकार ने साफ तौर पर असत्य बताया है। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन जैसी कोई योजना सरकार के पास मौजूद नहीं है और इस तरह की बातें केवल भ्रम और अनावश्यक डर पैदा करने का काम करती हैं। एक्स पर जारी बयान में मंत्री ने कहा कि इन अफवाहों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।
पुरी ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की तेजी का असर सीधे भारत पर न पड़े, इसके लिए सरकार ने अपने स्तर पर बड़ा आर्थिक भार उठाया है। पेट्रोलियम कीमतों में उछाल की वजह से तेल कंपनियों को हो रहे नुकसान को कम करने के लिए पेट्रोल पर लगभग चौबीस रुपये और डीज़ल पर करीब तीस रुपये प्रति लीटर का बोझ केंद्र सरकार ने अपने हिस्से में लिया है। बढ़ती वैश्विक कीमतों के चलते निर्यात शुल्क बढ़ाना भी अनिवार्य हो गया, ताकि बाजार की अस्थिरता को नियंत्रित किया जा सके।
पीछे चल रहे ईरान-इजरायल युद्ध के चौथे सप्ताह के बाद अब स्थिति और अप्रत्याशित होती जा रही है। ऐसे वातावरण में केंद्र सरकार ऊर्जा आपूर्ति, जरूरी सामानों और परिवहन से जुड़े हर पहलू की वास्तविक समय पर निगरानी कर रही है। पुरी ने बताया कि नागरिकों को ईंधन और आवश्यक वस्तुएं बिना किसी रुकावट उपलब्ध रहें, इसके लिए सभी विभाग तैनात हैं।
पिछले कुछ दिनों में कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें सत्तर डॉलर से बढ़कर एक सौ बाईस डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंची हैं, जिससे कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम भारी स्तर पर बढ़े हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया से लेकर यूरोप और अफ्रीका तक कीमतों में तीस से पचास प्रतिशत की तेजी देखी गई है। ऐसी परिस्थिति में सरकार के सामने या तो घरेलू दामों में भारी बढ़ोतरी करने या फिर अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के दबाव को खुद झेलने का विकल्प था।
अंततः मोदी सरकार ने यह बोझ अपने ऊपर लिया, ताकि जनता को अचानक बढ़ी कीमतों का सामना न करना पड़े।

