अल्मोड़ा में जुटी क्षेत्रीय ताकतें, 2027 के चुनाव को लेकर लिया यह निर्णय

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अल्मोड़ा। उत्तराखंड में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य की क्षेत्रीय राजनीतिक शक्तियों और जनपक्षीय संगठनों ने एकजुट होकर एक सशक्त विकल्प खड़ा करने की दिशा में ठोस पहल की है।

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“मिशन 2027” के अंतर्गत होटल शिखर में आयोजित एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के विकल्प के रूप में एक मजबूत, ईमानदार और जनआधारित राजनीतिक मोर्चा तैयार किया जाएगा।

करीब चार घंटे चली इस बैठक में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा, उत्तराखंड लोक वाहिनी, हिमालय क्रांति पार्टी, इंडिया ग्रीन्स पार्टी, भारत की लोक जिम्मेदार पार्टी सहित विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और जनआंदोलनों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि राज्य गठन के 25 वर्षों बाद भी उत्तराखंड शहीदों के सपनों और अपनी मूल अवधारणा पर खरा नहीं उतर पाया है। इसके लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों समान रूप से जिम्मेदार हैं, जिन्होंने बारी-बारी से सत्ता में रहते हुए राज्य के संसाधनों, जनभावनाओं और भविष्य के साथ न्याय नहीं किया।


वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश आज दिल्ली के रिमोट कंट्रोल से संचालित राजनीति से त्रस्त है और अब एक ऐसे क्षेत्रीय विकल्प की आवश्यकता है, जो उत्तराखंड के जन-सरोकारों, भौगोलिक परिस्थितियों और हिमालयी संवेदनशीलता को समझे।

बैठक में राज्य के सामने खड़ी गंभीर चुनौतियों पर भी चिंता व्यक्त की गई। अंकिता भंडारी हत्याकांड, बढ़ती बेरोजगारी, प्राकृतिक संसाधनों की लूट, महिला अपराधों में वृद्धि, जंगली जानवरों का बढ़ता आतंक और सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती न होना, सरकार की विफलता के प्रमुख उदाहरण बताए गए।

वक्ताओं ने कहा कि इन परिस्थितियों में जनता के भीतर गहरी हताशा, निराशा और आक्रोश है, और वह एक बड़े बदलाव के लिए तैयार है।

बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि राज्य की सभी जनपक्षीय, लोकतांत्रिक और क्षेत्रीय शक्तियों को एक साझा मंच पर लाकर एक सशक्त राजनीतिक विकल्प तैयार किया जाएगा। यह विकल्प रोजगार सृजन, पलायन पर रोक, जल-जंगल-जमीन की रक्षा और क्षेत्रीय अस्मिता को केंद्र में रखकर आगे बढ़ेगा।

साथ ही अन्य समान विचारधारा वाली ताकतों से भी इस पहल में जुड़ने का आह्वान किया गया।

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी ने आह्वान किया कि उत्तराखंडी सोच रखने वाले सभी लोगों को निस्वार्थ भाव से एकजुट होना होगा, तभी शहीदों के सपनों का उत्तराखंड साकार किया जा सकता है।

वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल सत्ता परिवर्तन की नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन की है, जिसमें राज्य के संसाधनों पर जनता का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक का संयोजन प्रभात ध्यानी (उपपा) द्वारा किया गया तथा संचालन चारु तिवारी ने किया।

बैठक में प्रमुख रूप से राजीव लोचन साह (उत्तराखंड लोक वाहिनी), पी.सी. तिवारी (अध्यक्ष, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी), भूपेन्द्र कोरंगा (उत्तराखंड स्वाभिमान मोर्चा), प्रकाश जोशी, नरेश नौटियाल, दिनेश उपाध्याय, मोहन कांडपाल (पानी बोओ, पानी बचाओ), जे.सी. उप्रेती (लोक जिम्मेदार पार्टी), सुरेश नौटियाल (इंडिया ग्रीन्स पार्टी), आर.पी. सिंह, जगदीश चंद्र मैनानी (पूर्व नौसेना), हेम चंद्र जोशी (पूर्व नौसेना), गोपाल राम, किरन आर्या, पूजा थापा, शिव दत्त पांडे, कौस्तुबानंद भट्ट, रमेश पांडे (कृषक), उमेद सिंह भंडारी, किशोर सिंह, प्रेम, हिमेश भंडारी, नारायण राम, मुहम्मद साकिब, अमन बुधानी, मनोज कुमार पंत, त्रिभुवन सिंह, किशन जोशी (पत्रकार), गोविन्द पंत ‘राजू’ (पत्रकार), शंभू राणा सहित अनेक साथियों की उपस्थिति रही।

बैठक में यह भी तय किया गया कि “मिशन 2027” को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाया जाएगा, ताकि एक व्यापक जनआधारित और विश्वसनीय राजनीतिक विकल्प तैयार किया जा सके। सभी संगठनों ने साझा रूप से एक ईमानदार, पारदर्शी और जवाबदेह राजनीतिक संस्कृति के निर्माण का संकल्प लिया।

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