देहरादून में इन दिनों सियासी हलचल लगातार तेज हो रही है। भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं की लगातार मौजूदगी ने माहौल को चुनावी रंग दे दिया है। हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह हल्द्वानी पहुंचे थे, जहां उनकी बड़ी सभा के बाद संगठन की तैयारियां और भी सक्रिय हो गईं। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित दौरे की चर्चा ने राज्य सरकार को तैयारी मोड में ला दिया है। हालांकि तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन संकेत साफ हैं कि कार्यक्रम कभी भी घोषित हो सकता है। इसी कारण शासन ने पूरी हुई और अंतिम चरण में पहुंच चुकी योजनाओं की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है, ताकि प्रधानमंत्री के हाथों उनका लोकार्पण या शिलान्यास कराया जा सके।
मुख्य सचिव आनंदवर्धन की अध्यक्षता में एक अहम बैठक भी आयोजित की जा चुकी है। बैठक में अधिकारियों को अपने विभागों की महत्वपूर्ण परियोजनाओं का अद्यतन ब्यौरा देने के निर्देश दिए गए। सरकार चाहती है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा विकास कार्यों की एक बड़ी प्रस्तुति के रूप में सामने आए, ताकि जनता के बीच सरकार की सकारात्मक छवि और मजबूत हो सके।
राजनीतिक रूप से भी प्रधानमंत्री का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। इससे पहले गृह मंत्री अमित शाह हरिद्वार में कार्यक्रम कर चुके हैं। कुमाऊं में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति भी राज्य की राजनीति में नए संकेत छोड़ चुकी है। दोनों क्षेत्रों में बड़ी सभाओं के बाद अब यह चर्चा तेज है कि पीएम मोदी की रैली किस इलाके में होगी। भाजपा स्थान चयन को लेकर इस बार काफी सतर्क है, क्योंकि यह चुनावी समीकरणों को प्रभावित करेगा।
पीएम के संभावित कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए प्रशासन भी अपनी तैयारियों को गति दे चुका है। सुरक्षा, प्रोटोकॉल, यातायात और भीड़ प्रबंधन जैसी व्यवस्थाओं पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रधानमंत्री के कार्यक्रमों में सुरक्षा बेहद कड़ी रहती है, इसलिए किसी भी तरह की चूक न हो, इसके लिए अधिकारियों को पहले से ही सतर्क रहने के निर्देश मिले हैं।
भाजपा संगठन भी इस दौरे को बड़े मनोबल बढ़ाने वाले अवसर के रूप में देख रहा है। पार्टी को उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी राज्य में कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा देगी। साथ ही उन क्षेत्रों में माहौल मजबूत करेगी, जहां संगठन को और काम करने की जरूरत है। यह कार्यक्रम केवल जनसभा नहीं, बल्कि सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने का बड़ा मंच साबित हो सकता है।
उत्तराखंड में प्रधानमंत्री के संभावित आगमन की चर्चा ने राजनीति को नई दिशा दे दी है। भले ही आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन तैयारियों की रफ्तार यह साफ जताती है कि यह दौरा आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।
अब सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम कब तय होता है और किस क्षेत्र को इसके लिए चुना जाता है।

