नई दिल्ली। दक्षिण एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से शिपिंग प्रभावित होने के बावजूद भारत में गैस और ईंधन की आपूर्ति को लेकर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। पेट्रोलियम मंत्रालय की जाइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बुधवार (18 मार्च) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और रिफाइनरियों ने घरेलू एलपीजी उत्पादन में करीब 40 प्रतिशत की वृद्धि की है।
सुजाता शर्मा ने कहा कि किसी भी रिटेल आउटलेट या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर अभी तक कोई कमी नहीं हुई है। घरेलू पीएनजी और सीएनजी उपभोक्ताओं को लगातार 100 प्रतिशत आपूर्ति मिल रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री, जो पहले सीमित की गई थी, अब आंशिक रूप से पुनः शुरू की जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि विमानन टरबाइन ईंधन का पर्याप्त भंडार है और तेल मार्केटिंग कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं और कोई वृद्धि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि सरकार ने सभी राज्यों को पत्र भेजा है, जिसमें अतिरिक्त 10 प्रतिशत वाणिज्यिक एलपीजी उपलब्ध कराने और दीर्घकालिक एलपीजी से पीएनजी संक्रमण में सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, 17 मार्च को ओएमसी द्वारा एलपीजी वितरकों पर 2300 से अधिक औचक निरीक्षण भी किए गए।

