उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी की अल्मोड़ा में आयोजित बैठक में राज्य की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में पार्टी ने राज्यव्यापी “परिवर्तन जन संवाद यात्रा” प्रारंभ करने का निर्णय लिया।
वक्ताओं ने प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, पलायन तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी चुनौतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।
महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा गया कि ऐसी ठोस नीतियां बनाई जानी चाहिए जिससे भविष्य में अंकिता भंडारी जैसी दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पार्टी ने निर्णय लिया कि जिले में “परिवर्तन संवाद” कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, जिसके अंतर्गत जनसंवाद, गोष्ठियां और जनसंपर्क बैठकें आयोजित कर आम नागरिकों के बीच पहुंचा जाएगा।
इन कार्यक्रमों के माध्यम से जनता की समस्याओं, सुझावों एवं अपेक्षाओं को प्रत्यक्ष रूप से सुना जाएगा तथा उन्हें पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों से अवगत कराया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य जनसरोकारों को प्राथमिकता देते हुए लोकतांत्रिक सहभागिता को सुदृढ़ करना है।
बैठक में यह भी तय किया गया कि “परिवर्तन जन संवाद यात्रा” शीघ्र ही अल्मोड़ा जिले से प्रारंभ की जाएगी। इस अभियान के माध्यम से पार्टी राज्य की सभी जनपक्षीय और सकारात्मक ताकतों को एकजुट कर एक सशक्त राजनीतिक विकल्प तैयार करने की दिशा में कार्य करेगी।
पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड राज्य की मूल अवधारणा को साकार करने के लिए बीते 25 वर्षों में राज्य को दुर्दशा की ओर धकेलने वाली अवसरवादी शक्तियों को परास्त करना आवश्यक है।
जल, जंगल, जमीन और रोजगार पर स्थानीय जनता के अधिकार सुनिश्चित करने तथा हर प्रकार के भेदभाव को समाप्त कर सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता व न्याय स्थापित करने के लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष तेज करना होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने सदैव जनपक्षीय मुद्दों पर अग्रणी भूमिका निभाई है और कभी भी जनविरोधी ताकतों से समझौता नहीं किया।
