प्रारंभिक शिक्षा निदेशक कार्यालय में सरकारी कामकाज में बाधा डालने, मारपीट करने और कार्यालय के सामान को नुकसान पहुंचाने के मामले में रायपुर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना में शामिल एक हिस्ट्रीशीटर सहित कुल चार आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। सभी को आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इस पूरे प्रकरण की शुरुआत उस समय हुई जब विधायक उमेश शर्मा काऊ और उनके समर्थकों पर निदेशक अजय कुमार नौडियाल से बदसलूकी और तोड़फोड़ करने के आरोप लगे। घटना के बाद दो अलग अलग मुकदमे दर्ज हुए। पहला केस निदेशक अजय कुमार नौडियाल की ओर से दर्ज कराया गया, जिसमें विधायक समेत कुछ अज्ञात लोगों का नाम शामिल किया गया है। वहीं, दूसरा मुकदमा विधायक के गनर सुशील रमोला की शिकायत पर दर्ज हुआ, जिसमें निदेशालय के कुछ कर्मचारियों पर हमला करने और रोकने का आरोप लगाया गया है।
शनिवार को यह विवाद तब बढ़ा जब विधायक काऊ ननूरखेडा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। यहां रायपुर क्षेत्र के एक विद्यालय का नाम उन दाताओं के नाम पर रखने को लेकर बातचीत चल रही थी जिन्होंने विद्यालय के लिए भूमि दान की थी। चर्चा के दौरान माहौल गरमा गया और कुछ लोगों ने अचानक कार्यालय में हंगामा शुरू कर दिया। कुर्सियां फेंकी गईं, सामान बिखेरा गया और मौजूद कर्मचारियों को चोटें भी आईं।
निदेशक की ओर से दी गई तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने लोक सेवक के कार्य में बाधा डालने, चोट पहुंचाने, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, धमकी देने और गाली-गलौज करने जैसे गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था। इसी घटना से जुड़े दूसरे केस में गनर ने भी मारपीट और अभद्र व्यवहार की शिकायत की थी।
थाना प्रभारी गिरीश नेगी के अनुसार, पुलिस ने गवाहों के बयान, घटनास्थल के साक्ष्य और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद हिस्ट्रीशीटर अरविंद पुंडीर उर्फ कल्ली के साथ लक्ष्मण नवानी, राकेश थपलियाल और अक्षय राणा को गिरफ्तार कर लिया गया। चारों को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।
