Congress Targets Government Over Dehradun Incident, Garima Questions Safety of Officials
देहरादून की रायपुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता गरिमा मेहरा दसौनी ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ द्वारा निदेशक प्रारंभिक शिक्षा के कार्यालय में समर्थकों के साथ पहुंचकर अभद्र व्यवहार और हाथापाई किए जाने की घटना बेहद गंभीर है और लोकतांत्रिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाने वाली है।
उनका कहना है कि इस घटना में निदेशक घायल हुए, जो शासन-प्रशासन पर सीधा हमला माना जाना चाहिए। गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि जब एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता की सुरक्षा पर भी सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने इसे प्रशासनिक व्यवस्था के मनोबल को गिराने वाली घटना बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा कानून हाथ में लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर हुई है और सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों के ऐसे व्यवहार से गलत संदेश जाता है। उन्होंने मांग की कि मामले में संबंधित विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाए, घटना में शामिल लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई हो, घायल अधिकारी को समुचित उपचार और सुरक्षा दी जाए तथा मुख्यमंत्री इस पूरे प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से जवाब दें। गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा कि लोकतंत्र में कानून सर्वोपरि है और कोई भी व्यक्ति उससे ऊपर नहीं हो सकता, इसलिए इस मामले में पारदर्शी कार्रवाई जरूरी है।
