आज अरिजीत सिंह किसी भी पहचान के मोहताज नहीं है। उन्होंने दर्जनों फिल्मों में गाना गया और सैकड़ो हिट गाने दिए। 27 जनवरी को अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास ले लिया।
मुर्शिदाबाद के छोटे से गांव से निकलकर बॉलीवुड में ‘किंग ऑफ मेलोडी’ बनने तक का अरिजीत सिंह का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं। कभी रियलिटी शो से बाहर होने वाले अरिजीत आज एक सफल मुकाम पर है। उनके बिना बॉलीवुड की फिल्म अधूरी मानी जाती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि अरिजीत सिंह की नेटवर्थ कितनी है?
अरिजीत सिंह केवल फिल्मों से ही नहीं बल्कि और भी कई सोर्स से अपनी कमाई करते हैं। उन्होंने खुद का म्यूजिक लेबल ओरियन म्यूजिक शुरू किया है और वह यूट्यूब और स्पॉटिफाई जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए करोड़ों की रॉयल्टी भी कमाते हैं।
खास बात यह है कि इतनी दौलत के बावजूद अरिजीत आज भी अपने गांव जियागंज में एक आम आदमी की तरह रहना पसंद करते हैं, जो उनकी सादगी को दर्शाता है।
अरिजीत सिंह आज इंडस्ट्री के हाईएस्ट पैड सिंगर है बताया जाता है कि उनकी कुल नेटवर्थ 414 करोड रुपए की है उनकी फीस के आंकड़े हैरान कर देने वाले हैं।
लाइव कंसर्ट फीस: रिपोर्ट्स के मुताबिक, अरिजीत एक 2 घंटे के लाइव कंसर्ट के लिए 14 करोड़ रुपये तक चार्ज करते हैं। वहीं, छोटे या प्राइवेट शोज के लिए उनकी फीस 2 करोड़ रुपये से शुरू होती है।
एक गाने की कमाई: फिल्मों में एक प्लेबैक सॉन्ग गाने के लिए वह करीब 10 से 20 लाख रुपये लेते हैं। हालांकि, डिजिटल राइट्स और रॉयल्टी को मिलाकर यह कमाई बहुत ज्यादा हो जाती है।
स्पॉटिफाई का दबदबा: वह दुनिया के सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले आर्टिस्ट में से एक हैं (15 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स), जिससे उन्हें सालाना करोड़ों की रॉयल्टी मिलती है।
अरिजीत भले ही चप्पल पहनकर घूमते दिखें, लेकिन उनका पोर्टफोलियो काफी मजबूत है-
आलीशान घर: नवी मुंबई में उनका करीब 8 करोड़ रुपये का पॉश अपार्टमेंट है। इसके अलावा उन्होंने अपने होमटाउन जियागंज में भी काफी निवेश किया है।
कार कलेक्शन: उनके पास रेंज रोवर (Range Rover), मर्सिडीज (Mercedes-Benz) और हमर (Hummer H3) जैसी लग्जरी गाड़ियां हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में है।
विज्ञापन और ब्रांड्स: वह सैमसंग और कोका-कोला जैसे बड़े ब्रांड्स के साथ जुड़े हुए हैं, जिससे वह सालाना 5-10 करोड़ रुपये कमाते हैं।
इतनी कमाई के बावजूद अरिजीत का एक बड़ा हिस्सा समाज सेवा में जाता है। वह एक एनजीओ ‘लेट देयर बी लाइट’ चलाते हैं, जो गरीब बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए काम करता है।
वह अक्सर चैरिटी के लिए भी शोज करते हैं और जियागंज में उन्होंने अपना खुद का एक छोटा रेस्टोरेंट ‘हेशेल’ भी खोल रखा है, जो उनके बिजनेस विजन को दिखाता है।
