अल्मोड़ा के रानीधारा क्षेत्र में तेदुंवे को पकड़ने के लिए लगाए पिंजरे में तेंदुवा तो नही फंसा बंदर जरूर फंस गया। इधर पिंजरे में बंदर के फंसने के बाद बंदरों के झुंड ने पिजरें को चारो तरह से घेर लिया है।
बताते चले कि विगत कई समय से रानीधारा,पनियाउडियार,जाखनदेवी क्षेत्र में तेंदुवे की आवाजाही बेरोकटोक जारी है। लोग शाम अधेंरा घिरने से पहले ही घरो में कैद होने पर मजबूर है। पिछले माह 26 दिसंबर को भी सीमेंट कोठी में पिंजरा लगाया गया था लेकिन तेंदुवा पिंजरे के पास आने के बाद वहां से चला गया था जिसके बाद पिंजरे को दूसरी जगह लगाया गया और तेंदुवा दूसरी जगह लगाए गए पिंजरे में फंस गया था। बाद में तेंदुवे को रेस्क्यू सेंटर ले जाने के बाद वन विभाग की टीम ने अन्यत्र छोड़ दिया था।
लेकिन तेंदुवे के पकड़े जाने के बाद भी इलाके में तेंदुवे की आमद जारी रही। इसके बाद वन विभाग की टीम ने फिर से सीमेंट कोठी में पिजंरा लगा लगा दिया और आज इसमें बंदर फंस गया।खबर लिखे जाने तक पिंजरे को बंदरो के झुंठ ने घेर रखा था और वो किसी को आसपास नही आने दे रहे थे।
इधर पार्षद भूपेन्द्र जोशी ने कहा कि पहले भी सीमेंट कोठी में पहले भी 4 दिन पिंजरा लगाया हुआ था लेकिन उसमें तेंदुवा नही फंसा तो इसके बाद पिंजरे को दूसरी जगह लगा दिया गया था और बाद में दूसरी जगह लगाए गए पिंजरे में तेंदुवा फंस गया था। उन्होने कहा कि उन्होंने वन विभाग की टीम को पहले ही इस जगह पिंजरा लगाने के लिए इसलिए मना किया था कि इस जगह पर तेंदुवें के फंसने की संभावना कम है और आज इसमें बंदर फंस गया।
