हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस लागू, जरूरी सामान की कीमतें रहेंगी सुरक्षित, आम आदमी को बड़ी राहत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में साफ कर दिया कि सरकार नया हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस तो ला रही है, लेकिन इसका बोझ…

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में साफ कर दिया कि सरकार नया हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस तो ला रही है, लेकिन इसका बोझ लोगों की जेब पर बिल्कुल नहीं पड़ेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि रोजमर्रा की चीजें पहले जैसी ही कीमतों पर मिलती रहेंगी और इस फैसले से महंगाई नहीं बढ़ेगी।

दरअसल, सरकार ने देश की स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खर्च पूरे करने के लिए यह नया सेस प्रस्तावित किया है। लेकिन इसे चावल, दाल, आटा, दूध, सब्जियां, दवाइयां या घर में इस्तेमाल होने वाली दूसरी जरूरी चीजों पर नहीं लगाया जाएगा। यानी आपका रोज का किराना सामान और जरूरी दवाइयां पहले की तरह ही मिलेंगी।

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272

यह नया सेस गुटखा और पान मसाला जैसे उत्पाद बनाने वाली मशीनों और प्रोसेस पर लगाया जाएगा, ताकि इनसे जुड़ा टैक्स पहले की तरह ऊंचा बना रहे। सरकार चाहती है कि ऐसे हानिकारक उत्पादों की खपत कम हो और इस टैक्स से मिलने वाला पैसा स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कामों में लगाया जा सके।

यह बिल उस जीएसटी कंपनसेशन सेस की जगह लेगा, जो मार्च 2026 में खत्म होने वाला है और जिसका इस्तेमाल राज्यों की आमदनी में आए अंतर को पूरा करने के लिए किया जाता था।

सरकार का कहना है कि नया सेस पूरी तरह लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि उनकी बुनियादी चीजें महंगी न हों और देश की सुरक्षा व स्वास्थ्य से जुड़े खर्च पूरे किए जा सकें।