चौखुटिया के बाद अब भिकियासैंण और स्यालदे में भी स्वास्थ्य‌ सुविधाओं को लेकर आंदोलन शुरू

अल्मोड़ा: चौखुटिया के बाद अब भिकियासैंण और स्याल्दे क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर आंदोलन शुरू हो गया है। आंदोलनकारियों ने सामुदायिक…



अल्मोड़ा: चौखुटिया के बाद अब भिकियासैंण और स्याल्दे क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर आंदोलन शुरू हो गया है।


आंदोलनकारियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मानकों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है।

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रविवार को भिकियासैंण के रामलीला मैदान में ‘ऑपरेशन स्वास्थ्य’ अभियान के तहत अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया। आंदोलन का नेतृत्व कुसुमलता बौड़ाई की मौजूदगी में एकत्र प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य गठन के 25 साल बाद भी लोगों को स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित रखा गया है।


यहां धरने से पहले सीएचसी परिसर से रामलीला मैदान तक एक जुलूस निकाला गया, जिसमें सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए।


कुसुमलता बौड़ाई ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं कीं, तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से क्रमिक और आमरण अनशन में बदला जाएगा। उन्होंने पहाड़ों में डॉक्टरों और दवाओं की कमी पर चिंता व्यक्त की।


इस दौरान तहसीलदार रवि शाह मौके पर पहुंचे और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए बताया कि सीएचसी परिसर में धरना देना प्रतिबंधित है। बाद में आंदोलनकारी रामलीला मैदान चले गए।
इधर स्याल्दे में भी ‘ऑपरेशन मूलभूत सुविधाएं’ अभियान के तहत ग्रामीणों ने सीएचसी में मानक सुविधाओं और अन्य आवश्यक सेवाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
दोनों स्थानों पर आंदोलनकारियों ने सरकार से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को सुनिश्चित करने की मांग की है।