अल्मोड़ा में अधिवक्ताओं ने राज्य व केन्द्र सरकार को भेजा ज्ञापन, कहा उम्रदराज अधिवक्ताओं को मिले जीवन निर्वाह भत्ता

अल्मोड़ा:: अल्मोड़ा में अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड व प्रधानमंत्री को दो अलग-अलग ज्ञापन भेजकर अधिवक्ताओं की सामाजिक सुरक्षा के लिए…

Whats App Image 2026 03 19 at 11 25 19 AM


अल्मोड़ा:: अल्मोड़ा में अधिवक्ताओं ने अपर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड व प्रधानमंत्री को दो अलग-अलग ज्ञापन भेजकर अधिवक्ताओं की सामाजिक सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार द्वारा अधिवक्तागण का जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा कराए जाने, नव पंजीकृत कनिष्ठ अधिवक्ताओं को प्रोत्साहन राशि (स्टाइफन्ड) व उम्रदराज वरिष्ठ एडवोकेट्स को जीवन निर्वाह भत्ता दिए जाने की मांग की है।


अधिवक्ताओं का कहना है कि अधिवक्ताओं के समक्ष वर्तमान में बहुत सी चुनौतियां हैं और उनमें भी नव पंजीकृत जूनियर अधिवक्ताओं के लिए शुरूआती वर्ष आर्थिक रूप से चुनौतिपूर्ण साबित हो रहे हैं जिससे नए अधिवक्ताओं के लिए जीविकोपार्जन के दृष्टिकोण से अधिवक्ता व्यवसाय में बने रहना बेहद कठिन हो रहा है अतः सरकार के द्वारा शुरूआती पांच साल तक जूनियर अधिवक्ताओं के लिए एक समुचित प्रोत्साहन राशि (स्टाइफन्ड) की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए व 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए भी सरकार के द्वारा जीवन निर्वाह भत्ते की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए जिससे वे अपना शेष जीवन बिना किसी आर्थिक परेशानी के बिना किसी पर निर्भरता के सम्मान के साथ व्यतीत कर सकें।

21e7b59e-b909-45ce-800c-4b81d0841272


अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकार के स्तर पर इसकी व्यवस्था सरकार द्वारा जारी किए जाने वाले अधिवक्ता कल्याणकारी टिकट से सरकार को प्राप्त होने वाली धनराशि से सुगमता से की जा सकती है। अधिवक्ताओं ने कहा है कि सरकार को अपने स्तर पर अपने अंशदान से एक फंड की स्थापना कर इसकी व्यवस्था करनी चाहिए।


अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड से मांग की है कि सरकार के स्तर पर उनकी मांगों पर यथाशीघ्र समुचित सकारात्मक निर्णय लिया जाय. ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने मांग की है कि बार काउंसिल से संबद्ध सभी अधिवक्ताओं का सरकार द्वारा कम से 30 लाख का जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा, टर्म इंश्योरेंस व दुर्घटना बीमा करवाया जाय, बार काउंसिल से संबद्ध सभी अधिवक्ताओं को सरकार के सभी सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कांलेजों व सरकार द्वारा अनुबंधित सूचीबद्ध निजी चिकित्सालयों में निःशुल्क ईलाज, दवा, जांच, आंपरेशन आदि की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, बार काउंसिल से संबद्ध सभी नव पंजीकृत कनिष्ठ अधिवक्ताओं को शुरूआती पांच साल तक सरकार द्वारा एक समुचित प्रोत्साहन राशि (स्टाइफन्ड) जो कि कम से कम 20 हजार रुपए महीना हो दिया जाय। सभी अधिवक्तागण जो कि 60 वर्ष की उम्र पूर्ण कर चुके हैं को सरकार द्वारा कम से कम 20 हजार रुपए महीना जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाय।
ज्ञापन भेजने वालों में जिला बार एसोसिएशन अल्मोड़ा के उपाध्यक्ष एडवोकेट कवीन्द्र पन्त, पूर्व उपाध्यक्ष कुंदन सिंह लटवाल, जमन सिंह बिष्ट, जगदीश तिवारी, रवीन्द्र सिंह बिष्ट, भगवती प्रसाद पांडे, त्रिभुवन पांडे, अजय सिंह मेहता, संजय विद्यार्थी, प्रताप सिंह अधिकारी, भूपेंद्र सिंह खोलिया, हृदयेश दीपाली, दीवान सिंह लटवाल आदि अधिवक्ता शामिल थे।