घरेलू कलह ने ली तीन जिंदगियां, पति ने पत्नी और मासूम बेटे को मारा, फिर खुद भी फंदे से झूल गया

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा इलाके से एक खौफनाक खबर सामने आई है. यहां एक युवक ने पहले अपनी पत्नी की हत्या की.…

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के अतर्रा इलाके से एक खौफनाक खबर सामने आई है. यहां एक युवक ने पहले अपनी पत्नी की हत्या की. फिर चार महीने के बेटे को भी मार डाला. इसके बाद खुद फांसी लगाकर जान दे दी.

ये घटना आजाद नगर मोहल्ले के एक किराए के कमरे की है. यहां जितेंद्र नाम का युवक अपनी पत्नी गौरा और बेटे के साथ रहता था. जितेंद्र अहमदाबाद में मजदूरी करता था लेकिन कुछ दिन पहले ही घर लौटा था. गौरा की मां ने बताया कि गुरुवार को जितेंद्र ने फोन कर कहा था कि वह अहमदाबाद से घर आ रहा है. रात तक पहुंच जाएगा. इसके बाद गौरा मायके से खाना बनाकर उसके पास गई थी. लेकिन फिर उससे कोई बात नहीं हुई.

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शनिवार को कमरे से तेज बदबू आने लगी. मकान मालिक को शक हुआ तो उसने पुलिस को बुलाया. पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो तीनों की लाशें कमरे के अंदर पड़ी थीं. कमरे के हालात देखकर लगता है कि गौरा ने जान बचाने की काफी कोशिश की थी. कमरे में सामान बिखरा पड़ा था. पानी का ड्रम गिरा हुआ था. चूल्हा और कपड़े भी इधर उधर थे. लेकिन फिर भी वह अपनी और मासूम बेटे की जान नहीं बचा सकी.

पुलिस को कमरे से खून से सना चाकू मिला है. शक है कि उसी से पत्नी की हत्या की गई. चार महीने के बेटे की गला दबाकर हत्या करने की आशंका है. इसके बाद जितेंद्र ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली.

पुलिस को एक सुसाइड नोट भी मिला है. उसमें जितेंद्र ने अपनी सास ममता और ससुर सवलिया पर आरोप लगाए हैं कि वो उसे झूठे केस में फंसाने की धमकी देते थे. मारपीट भी करते थे. हालांकि पुलिस का कहना है कि मौके पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला. यह नोट जितेंद्र ने मोबाइल में लिखा था और अपने भाई को भेजा था. भाई ने पुलिस को इसकी कॉपी दी.

गौरा की मां ममता ने बताया कि शादी के बाद से ही जितेंद्र उनकी बेटी को दहेज के लिए तंग करता था. आए दिन मारपीट होती थी. कुछ दिन पहले मायके में भी उसने गौरा को पीटा था. गुरुवार को वह जब घर गया तो गौरा खाना लेकर उसके पास चली गई थी. उसके बाद उसका कोई संपर्क नहीं हुआ.

मृतक जितेंद्र मजदूर परिवार से था. उसके पिता लल्लू प्रजापति कालिंजर के रामनगर गांव में रहते हैं. जितेंद्र तीन भाइयों में सबसे बड़ा था. उसकी पांच बहनें भी हैं. वहीं गौरा अपने माता पिता की तीन बेटियों में से दूसरी थी. उसके पिता भूमिहीन हैं और मजदूरी करके परिवार पालते हैं.

पुलिस ने घटना के बाद चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं. इनमें जितेंद्र और गौरा के साथ साथ गोविंद और ममता के मोबाइल भी शामिल हैं. फोरेंसिक टीम ने इन मोबाइलों को सील कर दिया है. पुलिस इन सभी की जांच कर रही है.

एसपी पलाश बंसल ने बताया कि अभी तक की जांच में अवैध संबंध जैसा कोई मामला नहीं सामने आया है. यह मामला घरेलू झगड़े और कलह से जुड़ा नजर आता है. पुलिस हर पहलू से छानबीन कर रही है.