इंश्योरेंस के पैसे के लिए बाप और बेटे ने रची ऐसी साजिश, की पुलिस भी हो गई दंग, पहले हुआ अंतिम संस्कार और फिर हुई तेहरवीं भी

पैसों के लिए लोग कुछ भी करने को तैयार रहते हैं और पैसा कमाने के लिए लोग दिन-रात मेहनत भी करते हैं और अपने परिवार…

पैसों के लिए लोग कुछ भी करने को तैयार रहते हैं और पैसा कमाने के लिए लोग दिन-रात मेहनत भी करते हैं और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो एक ही झटके में पैसा कमाना चाहते हैं और अमीर बनना चाहते हैं। इस इच्छा को पूरा करने के लिए वह कुछ भी करने को तैयार रहते हैं फिर चाहे वह तरीका गैर कानूनी ही क्यों ना हो।

देश की राजधानी दिल्ली में कैसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है पिता ने बेटे का अपने ही हाथों से अंतिम संस्कार किया और उसके तेरहवीं भी कर डाली। पुलिस ने तमाम तरह की छानबीन की तो इसके बाद जो राज सामने आया उस पर पुलिस के अधिकारियों को भी यकीन नहीं हुआ। पुलिस सोच में पड़ गई कि ऐसा भी हो सकता है क्या? पैसों की लालच में कोई इतना कैसे गिर सकता है।

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बताया जा रहा है कि हैरान करने वाला मामला दक्षिण पश्चिम दिल्ली के नजफगढ़ इलाके का है। सड़क दुर्घटना में एक शख्स के बेटे की मौत हो गई सारे नियमों का पालन करने के बाद रोड एक्सीडेंट में हुई मौत की। जानकारी पुलिस को भी दी गई इसके बाद हिंदू रीति रिवाज के अनुसार शव को श्मशान घाट ले जाकर उसका अंतिम संस्कार भी किया गया। बेटे की मौत का 10 दिन तक मातम भी मनाया गया और उसके बाद तेरहवीं की परंपरा भी हुई।

पास पड़ोस के साथ ही रिश्तेदार भी इसमें शरीक हुए। इसके बाद इस नाटक के ऊपर से पर्दा उठाया गया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में 2 करोड़ का टर्म इंश्योरेंस लेने के लिए एक पिता ने अपने बेटे की मौत की झूठी कहानी बताई।

आरोपी शख्स ने 5 मार्च 2025 को पुलिस को कॉल किया और बताया कि उसके बेटे का एक्सीडेंट हो गया है। उसने फिर एक डॉक्टर के यहां से बेटे को रेफर करवाने का फर्जी सर्टिफिकेट भी बनवाया। साजिश के बाद गढ़ गंगा में उसका फर्जी दाह संस्कार भी किया गया और करीबी और रिश्तेदारों को बुलाकर बेटे की तेहरवीं भी करी गई।

इसके बाद पुलिस के पास 11 मार्च को बेटे की मौत की FIR करवाने गया तो पूरा भेद खुल गया। पुलिस ने साजिश में शामिल पिता,बेटे, उनके वकील और डॉक्टर को शिकंजे में ले लिया है।


आरोपी शख्स सड़क हादसे में बेटे की मौत को लेकर एफआईआर दर्ज करने गया तो पुलिस को उस पर शक हुआ जब उससे पूछताछ की गई तो आरोपी ने सब बता दिया।

डीसीपी अंकित सिंह का कहना है कि यह पूरी कहानी इंश्योरेंस का क्लेम पाने के लिए रची गई थी पुलिस ने बताया कि ऐसे कई मामले अक्सर सामने आते रहते हैं। लोग बीमा की राशि पाने के लिए हत्याएं कर देते हैं। दिल्‍ली में सामने आया यह मामला अपने आप में विचित्र है। पुलिस भी इससे सन्‍न है।