उत्तराखंड की सरकारी और अकादमिक वेबसाइटों पर चीनी साइबर हमले, ITDA कर रहा सुरक्षा मजबूत

उत्तराखंड की सरकारी और अकादमिक वेबसाइटें हाल ही में बढ़ते चीनी साइबर हमलों का सामना कर रही हैं। सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने पिछले…

उत्तराखंड की सरकारी और अकादमिक वेबसाइटें हाल ही में बढ़ते चीनी साइबर हमलों का सामना कर रही हैं। सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने पिछले एक महीने में ऐसे हजारों हमलों का पता लगाकर उन्हें सिस्टम से बाहर किया है। बढ़ते खतरों को देखते हुए अब आईटीडीए इन हमलों को रोकने के लिए ऑटोमेटेड सुरक्षा प्रणाली लागू करने की तैयारी कर रहा है।

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AI आधारित साइबर हमलों का बढ़ता खतरा

देशभर में हाल के दिनों में चीनी साइबर हमलों में तेज़ी देखी गई है, और उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, बीते एक महीने में ही राज्य की सरकारी और अकादमिक वेबसाइटों पर 1,000 से अधिक साइबर हमले दर्ज किए गए हैं। आईटीडीए के विशेषज्ञों का कहना है कि ये हमले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित होते हैं, जो एक साथ सैकड़ों की संख्या में किए जाते हैं।

24 घंटे निगरानी और साइबर सुरक्षा उपाय

साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आईटीडीए के विशेषज्ञ लगातार 24 घंटे इन हमलों की निगरानी कर रहे हैं। उत्तराखंड के आईटी सचिव नितेश झा ने बताया कि इन हमलों को पकड़ने, रोकने और उनके प्रभाव को कम करने के लिए अत्याधुनिक ऑटोमेटेड सिस्टम लगाए जा रहे हैं। इन सुरक्षा उपायों के तहत, सिस्टम खुद ही AI जनरेटेड वायरस और साइबर हमलों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय कर देगा।

साइबर सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में कदम
उत्तराखंड सरकार अब अपनी साइबर सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। ऑटोमेटेड सुरक्षा प्रणाली लागू होने के बाद, चीनी साइबर हमलों का प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के साइबर हमलों को रोकने के लिए मजबूत फायरवॉल, एआई-आधारित सुरक्षा उपाय और 24×7 निगरानी बेहद जरूरी है।