सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शिवाजी नगर के बच्चों ने किया साइंस सेंटर का शैक्षिक भ्रमण

अल्मोड़ा के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शिवाजी नगर के जूनियर वर्ग के छात्रों का शैक्षिक भ्रमण स्यालीधर स्थित मानसखंड विज्ञान केंद्र में हुआ। आज यानि…

अल्मोड़ा के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शिवाजी नगर के जूनियर वर्ग के छात्रों का शैक्षिक भ्रमण स्यालीधर स्थित मानसखंड विज्ञान केंद्र में हुआ। आज यानि 4 अक्टूबर को आयोजित इस भ्रमण का उद्देश्य बच्चों को विज्ञान की अद्भुत दुनिया से रूबरू कराना था, जहां उन्होंने प्रयोगशाला में विज्ञान से जुड़ी कई जानकारियां हासिल कीं। यह अनुभव बच्चों के लिए न सिर्फ ज्ञानवर्धक था, बल्कि उनके अंदर की जिज्ञासा को और बढ़ावा देने वाला भी रहा।

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विज्ञान के प्रयोगों से बच्चों की जिज्ञासा को मिली उड़ान
मानसखंड विज्ञान केंद्र में बच्चों ने विभिन्न विज्ञान प्रयोगों को नजदीक से देखा और समझा। विशेष रूप से जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) पर किए गए प्रयोग ने बच्चों को हैरान कर दिया। उन्होंने यह सीखा कि कैसे पृथ्वी का तापमान बढ़ता है, ग्लेशियर पिघलते हैं और समुद्र का जल स्तर ऊपर उठने लगता है। इस प्रयोग ने बच्चों को यह भी समझाया कि इन परिवर्तनों का मौसम के पैटर्न पर क्या असर पड़ता है। यह सब जानकर बच्चों की जिज्ञासा और भी गहरी हो गई।


तारामंडल में बच्चों ने की अंतरिक्ष की सैर
विज्ञान केंद्र के तारामंडल ने बच्चों को एक अलग ही दुनिया में पहुंचा दिया। यहां बच्चों ने पृथ्वी की नजर से अंतरिक्ष का अद्भुत दृश्य देखा। ग्रहों, तारों, और अंतरिक्ष के अनगिनत रहस्यों को करीब से जानने का यह मौका उनके लिए अविस्मरणीय रहा। तारामंडल की प्रस्तुति ने बच्चों को ब्रह्मांड की विशालता और उसकी अद्भुत संरचना के प्रति जिज्ञासु बना दिया।


वैज्ञानिकों से सीखने का मौका
विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने बच्चों के सामने कुछ बेहतरीन प्रयोग करके दिखाए और सरल भाषा में उनके पीछे की वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझाया। उन्होंने बच्चों को खगोल विज्ञान, जलवायु परिवर्तन, और विज्ञान की अन्य शाखाओं पर गहन जानकारी दी। इस पूरी यात्रा का मकसद बच्चों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सोचने और समझने का अवसर देना था, जिसे बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ सीखा और अपनाया।
इस शैक्षिक भ्रमण में बच्चों के साथ विद्यालय के प्रधानाचार्य गिरिजा किशोर पाठक और शिक्षक आशुतोष पाठक, महेंद्र भंडारी, ममता बिष्ट, और सुमन कांडपाल भी मौजूद थे। उन्होंने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और हर कदम पर उन्हें मार्गदर्शन दिया।